Iran US Drone Clash: ईरान ने मार गिराया अमेरिका का MQ-9 Reaper ड्रोन, खाड़ी के देशों में अलर्ट जारी
ईरान की सेना ने Strait of Hormuz के पूर्वी हिस्से में एक आधुनिक अमेरिकी MQ-9 Reaper ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। IRNA न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने इसे सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया जिसके बाद उनके द्वारा नष्ट किए गए ड्रोनों की कुल संख्या 138 पहुंच गई है। इसी बीच यूएई, कुवैत और बहरीन जैसे देशों ने भी अपने ऊपर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम करने की जानकारी दी है जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।
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ईरान और पड़ोसी देशों के बीच क्या हुआ?
29 मार्च 2026 को खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में बड़ी सैन्य गतिविधियां दर्ज की गईं। ईरानी सेना ने आधिकारिक तौर पर बताया कि Strait of Hormuz और ओमान की खाड़ी अब पूरी तरह उनके सुरक्षा नियंत्रण में है। दूसरी तरफ, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले का दावा किया है। इन घटनाओं से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है, जिससे वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर खास नजर रखी जा रही है।
खाड़ी के अन्य देशों में हुई कार्रवाई की पूरी जानकारी
खाड़ी के कई अन्य देशों ने भी अपने इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी है और अपनी सीमाओं के पास कई संदिग्ध ड्रोनों और मिसाइलों को नष्ट किया है। इसकी मुख्य जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| देश | घटना का मुख्य विवरण |
|---|---|
| UAE | सेना ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 42 ड्रोन मार गिराए |
| Kuwait | रक्षा मंत्रालय ने 4 विदेशी ड्रोनों को हवा में ही नष्ट किया |
| Bahrain | 6 ड्रोन रोके गए और एक एल्युमीनियम कारखाने पर हमला हुआ |
| Oman | Salalah पोर्ट पर हमले में एक कर्मचारी के घायल होने की खबर है |
| Iran | Bandar Khamir बंदरगाह पर हुए हमले में 5 लोगों की जान गई |
प्रवासियों और आम जनता के लिए क्या है स्थिति?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन मौजूदा हालातों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते विवाद का असर समुद्री रास्तों और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर पड़ सकता है। ईरानी अधिकारियों ने कुछ संवेदनशील इलाकों और यूनिवर्सिटी के पास न जाने की सलाह जारी की है। यात्रियों को यह मशविरा दिया जाता है कि वे अपनी यात्रा से पहले उड़ानों की स्थिति चेक करते रहें क्योंकि सुरक्षा कारणों से कभी भी बदलाव किए जा सकते हैं।




