भारत सरकार का नया आदेश, अब पेट्रोल पंपों पर मिलेगा सस्ता केरोसिन, 60 दिनों के लिए नियम बदले
केंद्र सरकार ने एक विशेष आदेश जारी करते हुए देशभर के चुनिंदा पेट्रोल पंपों से रियायती केरोसिन बेचने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला मार्च 2026 में लिया गया है, जो तत्काल प्रभाव से अगले 60 दिनों तक लागू रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। इस कदम से उन इलाकों में राहत मिलेगी जहां गैस सिलेंडर की सप्लाई में दिक्कत आ रही है।
किसे मिलेगा फायदा और क्या है बिक्री की शर्तें?
सरकार ने इस योजना को लागू करने के लिए कुछ कड़े दिशा-निर्देश भी तय किए हैं ताकि तेल का सही इस्तेमाल हो सके। यहाँ इस योजना से जुड़ी कुछ मुख्य बातें दी गई हैं:
- यह व्यवस्था दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब सहित कुल 21 राज्यों में शुरू की गई है।
- हर जिले में केवल दो पेट्रोल पंपों को ही केरोसिन बेचने का अधिकार दिया जाएगा।
- एक पेट्रोल पंप अपने पास अधिकतम 5,000 लीटर केरोसिन का स्टॉक रख सकता है।
- यह तेल केवल घरेलू उपयोग यानी खाना पकाने और रोशनी के लिए ही बेचा जाएगा।
- बिक्री और स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा, जिसकी जाँच जिला अधिकारी कभी भी कर सकते हैं।
नियमों में ढील देने के पीछे क्या है मुख्य वजह?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे वैश्विक तनाव के कारण ऊर्जा की आपूर्ति पर असर पड़ा है। इसी आपात स्थिति को देखते हुए सरकार ने पेट्रोलियम नियम 2002 के तहत लाइसेंसिंग की कुछ शर्तों में ढील दी है। अब PSU तेल कंपनियों जैसे Indian Oil, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum के पंपों को केरोसिन बेचने के लिए अलग से जटिल लाइसेंस नहीं लेना होगा। हालांकि, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख जैसे राज्यों ने कहा है कि उन्हें फिलहाल अतिरिक्त केरोसिन की जरूरत नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और PESO के अधिकारी सुरक्षा की निगरानी करेंगे।




