ईरान में बड़े हमले की खबर, IRGC के कई सैन्य ठिकानों को बनाया गया निशाना, इस्फहान में भी मची अफरातफरी
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी तनाव अब और गंभीर होता जा रहा है। 30 मार्च 2026 को आई ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के यज़द, इस्फहान और बख्तियारी प्रांतों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जमीनी ठिकानों पर बड़े हमले हुए हैं। अमेरिकी रिसर्च संस्थान और सऊदी न्यूज़ एजेंसी ने इन हमलों की पुष्टि की है, जिसमें ईरान के सैन्य रिसर्च सेंटर और मिलिट्री यूनिवर्सिटी को निशाना बनाने की बात कही गई है।
हमले में किन सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुँचा?
हालिया हमलों में ईरान की सैन्य शक्ति और रिसर्च सेंटर्स को चोट पहुँचाने की कोशिश की गई है। यज़द में मिसाइल और नौसैनिक हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों पर बमबारी हुई है। वहीं इस्फहान में मिलिट्री यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी को भी निशाना बनाया गया है। इजरायल की तरफ से बताया गया कि उनके करीब 50 से अधिक विमानों ने ईरान के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कार्रवाई की है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 27 मार्च 2026 | यज़द प्रांत में मिसाइल और नेवल माइन फैक्ट्री पर हमला हुआ |
| 28 मार्च 2026 | इजरायल ने 50 से अधिक विमानों के साथ तीन अलग इलाकों में स्ट्राइक की |
| 29 मार्च 2026 | इस्फहान में हमले के दौरान 4 ईरानी सैन्य कमांडरों के मारे जाने की खबर आई |
| 30 मार्च 2026 | IRGC के जमीनी ठिकानों और मिलिट्री यूनिवर्सिटी पर फिर हमला हुआ |
ईरान और IRGC ने क्या दी है चेतावनी?
इन हमलों के बाद ईरान की सेना IRGC ने बहुत सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि वे जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इजरायल के भारी उद्योगों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाएंगे। IRGC ने मिडिल ईस्ट के आम लोगों को सलाह दी है कि वे अमेरिकी सेना के ठिकानों और कैंपसों से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहें। ईरानी सेना ने अमेरिका से इन हमलों की निंदा करने की मांग की है और कहा है कि अगर हमला नहीं रुका तो वे अपने एक्शन का दायरा और बढ़ा देंगे।




