इजराइल का बड़ा एक्शन, लेबनान के 7 इलाकों के लोगों को घर छोड़ने का मिला आदेश
इजरायली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी है। 30 मार्च 2026 को जारी एक नए आदेश में सेना ने सात अलग-अलग इलाकों के निवासियों को तुरंत अपने घर खाली करने को कहा है। लेबनान में जारी इस संघर्ष में अब तक 1,189 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में घर छोड़ने पर मजबूर हैं। इजराइल का कहना है कि ये कदम सुरक्षा कारणों से उठाए जा रहे हैं।
इजराइल ने लेबनान में क्यों बढ़ाई अपनी सैन्य कार्रवाई?
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान को और विस्तार देने का आदेश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य Litani River तक एक सुरक्षा क्षेत्र बनाना है ताकि उत्तरी इजराइल पर होने वाले रॉकेट हमलों को रोका जा सके। इजरायली सरकार ने साफ कर दिया है कि जब तक Hezbollah का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता, यह अभियान जारी रहेगा। इस विस्तार की वजह से आने वाले दिनों में और भी ज्यादा लोगों के बेघर होने की आशंका जताई जा रही है।
लेबनान में अब तक कितना हुआ नुकसान?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और आपदा प्रबंधन इकाई के अनुसार इस युद्ध के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। नीचे दी गई तालिका में 28 मार्च 2026 तक के आधिकारिक आंकड़े दिए गए हैं:
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल मौतें | 1,189 |
| घायलों की संख्या | 3,427 |
| विस्थापित लोग (बेघर) | 12 लाख से अधिक |
| नया इवैक्युएशन आदेश | 7 इलाके (30 मार्च) |
संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNHCR ने लेबनान की मौजूदा स्थिति को एक बड़ी मानवीय आपात स्थिति बताया है। 1.2 मिलियन से ज्यादा लोग अब तक अपने घरों से भागने पर मजबूर हुए हैं जिससे वहां के हालात काफी खराब हो रहे हैं।
इस संघर्ष की शुरुआत कब और कैसे हुई?
- यह विवाद 2 मार्च 2026 को शुरू हुआ था जब Hezbollah ने उत्तरी इजराइल पर हमले किए थे।
- इसके जवाब में इजराइल ने पहले हवाई हमले और फिर 16 मार्च से जमीनी ऑपरेशन शुरू किया।
- मार्च की शुरुआत में ही बेरूत के दक्षिणी उपनगर Dahiyeh को खाली करने का आदेश दिया गया था।
- इजराइल का लक्ष्य Hezbollah के मिसाइल नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
- लेबनानी सरकार ने Hezbollah की गतिविधियों को राज्य की सत्ता से बाहर बताया है।




