ईरान के Khondab परमाणु प्लांट पर बड़ा हमला, IAEA ने कहा अब काम करने लायक नहीं रही यह फैसिलिटी
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि ईरान का Khondab भारी जल उत्पादन प्लांट अब पूरी तरह से ठप हो गया है। 27 मार्च 2026 को हुए हवाई हमलों में इस प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा था। एजेंसी ने साफ किया कि हमले के दौरान वहां कोई परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी और फिलहाल रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है। यह जानकारी सैटेलाइट तस्वीरों और तकनीकी जांच के आधार पर साझा की गई है।
हमले के बाद प्लांट की मौजूदा स्थिति क्या है?
ईरान के इस महत्वपूर्ण प्लांट पर हुए हमले के बाद IAEA ने अपनी रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- IAEA के मुताबिक Khondab प्लांट अब ऑपरेशनल नहीं रहा है।
- ईरान की Fars News Agency ने इस हमले को अमेरिकी और इजरायली कार्रवाई बताया है।
- इजरायली सेना (IDF) ने हमले की पुष्टि करते हुए इसे परमाणु हथियारों के लिए प्लूटोनियम बनाने वाला मुख्य ठिकाना कहा है।
- ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई है।
- IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने परमाणु ठिकानों के पास सैन्य हमलों पर चिंता जताई है।
सुरक्षा और रेडिएशन को लेकर क्या है जानकारी?
IAEA ने 29 मार्च 2026 को स्पष्ट किया कि इस हमले से आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इलाके में किसी भी तरह के रेडियोधर्मी रिसाव के सबूत नहीं मिले हैं। एजेंसी ने पहले से मौजूद अपने तकनीकी ज्ञान और ताजा सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल करके यह निष्कर्ष निकाला है। ईरानी पक्ष ने भी यह बात मानी है कि वहां किसी भी प्रकार का रेडिएशन रिस्क नहीं है। Rafael Grossi ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी बड़े परमाणु हादसे से बचा जा सके।




