US Embassy Warning: इराक और मिडिल ईस्ट की यूनिवर्सिटी पर हमले का खतरा, अमेरिका ने जारी की बड़ी चेतावनी
इराक में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने एक गंभीर सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। खबर है कि ईरान और उससे जुड़े संगठन इराक के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में उन विश्वविद्यालयों को निशाना बना सकते हैं जो अमेरिका से जुड़े हुए हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि बगदाद, सुलेमानिया और दोहुक जैसे शहरों में स्थिति खराब हो सकती है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुरक्षा कारणों से तुरंत इराक छोड़ दें।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने क्यों दी है धमकी?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ तौर पर कहा है कि वे क्षेत्र में मौजूद उन सभी विश्वविद्यालयों को निशाना बना सकते हैं जिनका संबंध अमेरिका या इजरायल से है। ईरान ने अमेरिका से मांग की है कि वह ईरानी विश्वविद्यालयों पर हुए हमलों की निंदा करे। IRGC ने इन संस्थानों में काम करने वाले प्रोफेसरों, छात्रों और कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे कैंपस से कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
खाड़ी देशों और भारतीयों पर क्या होगा इसका असर?
इस सुरक्षा चेतावनी का असर केवल इराक तक सीमित नहीं है, बल्कि कतर और यूएई जैसे देशों में चल रहे अमेरिकी संस्थानों पर भी इसका साया है। कतर में टेक्सास एएंडएम और यूएई में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी जैसे बड़े संस्थानों को लेकर भी चिंता जताई गई है। लेबनान में अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरुत ने पहले ही अपनी क्लास ऑनलाइन शिफ्ट कर दी हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां शिक्षा ले रहे छात्रों को मौजूदा हालात को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
| संस्थान का नाम | जगह | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| अमेरिकन यूनिवर्सिटी | बगदाद, सुलेमानिया, दोहुक | हाई अलर्ट पर |
| Texas A&M University | कतर | संभावित खतरा |
| New York University | यूएई | संभावित खतरा |
| अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरुत | लेबनान | ऑनलाइन पढ़ाई शुरू |
अमेरिकी विदेश विभाग ने इराक के लिए ‘लेवल 4: यात्रा न करें’ की चेतावनी जारी रखी है। दूतावास का कहना है कि इराक सरकार अपनी जमीन से अमेरिका के खिलाफ होने वाले आतंकवादी हमलों को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं रही है। ऐसे में वहां रह रहे विदेशी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे दूतावासों के पास जाने से भी बचें क्योंकि ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है।




