ईरान ने दी अमेरिका और इज़राइल को बड़ी धमकी, अब कमांडरों और नेताओं के घर होंगे सेना के निशाने पर
ईरान और इज़राइल-अमेरिका के बीच चल रही जंग अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने जानकारी दी है कि ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़राइली सेना के कमांडरों और बड़े नेताओं के घरों को निशाना बनाने का फैसला किया है। ईरान ने इन रिहायशी ठिकानों को अब जायज सैन्य लक्ष्य घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ईरान ने यह कड़ी चेतावनी क्यों जारी की है?
ईरान के सैन्य मुख्यालय Khatam al-Anbiya के प्रवक्ता ने यह साफ किया है कि यह कदम अमेरिका और इज़राइल की बढ़ती धमकियों के जवाब में उठाया गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के इलाकों पर कब्ज़ा करने और ज़मीनी हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। इसी वजह से ईरान ने अब सीधे दुश्मन के बड़े अधिकारियों के घरों को अपनी लिस्ट में शामिल कर लिया है। साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर सोमवार दोपहर तक अमेरिकी यूनिवर्सिटीज़ ने ईरान पर हुए बम धमाकों की निंदा नहीं की, तो उन पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस तनाव के बीच अब तक की बड़ी घटनाएं क्या हैं?
- ईरान की सेना ने इज़राइल के औद्योगिक इलाकों, जैसे केमिकल प्लांट और रिफाइनरियों पर हमले तेज़ कर दिए हैं।
- लेबनान में इज़राइली बमबारी की वजह से अब तक 1,238 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें भारी संख्या में बच्चे शामिल हैं।
- तेहरान में एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर पर भी इज़राइली मिसाइल गिरने की खबर है, जिससे काफी नुकसान हुआ है।
- फ्रांस ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इज़राइल पर किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
- यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हुए हवाई हमलों के बाद शुरू हुआ, जो अब लगातार बढ़ता जा रहा है।




