UAE Air Defense Update: ईरान के 11 मिसाइल और 27 ड्रोन मार गिराए गए, भारतीय प्रवासियों पर भी असर
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की वायु सेना और एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बार फिर ईरान की ओर से किए गए बड़े हमले को नाकाम कर दिया है। 30 मार्च 2026 को ईरान ने यूएई की ओर 11 बैलिस्टिक मिसाइलें और 27 ड्रोन दागे थे, जिन्हें समय रहते हवा में ही नष्ट कर दिया गया। पिछले 24 घंटों में यह दूसरा बड़ा हमला था, क्योंकि इससे पहले 29 मार्च को भी 16 मिसाइलें और 42 ड्रोन दागे गए थे। इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण वहां रह रहे लाखों प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों और पाकिस्तानियों में सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है।
हमलों में अब तक हुआ नुकसान और हताहतों का विवरण
28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। यूएई के डिफेंस सिस्टम THAAD और Patriot ने अब तक हजारों हमलों को रोका है, लेकिन गिरते हुए मलबे और कुछ हमलों की वजह से नागरिक प्रभावित हुए हैं। यूएई में काम करने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि मृतकों और घायलों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं।
| विवरण | संख्या / जानकारी |
|---|---|
| कुल मृतक | 11 (भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश आदि से) |
| कुल घायल | 178 लोग (29 देशों के नागरिक) |
| नष्ट किए गए ड्रोन (अब तक) | 1,941 |
| नष्ट बैलिस्टिक मिसाइलें (अब तक) | 425 |
| प्रभावित अन्य देश | सऊदी अरब, कुवैत, जॉर्डन |
यूएई सरकार का बयान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यूएई के विदेश मंत्री Sheikh Abdullah bin Zayed Al Nahyan ने नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे बंदरगाहों, हवाई अड्डों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि इन हमलों का कोई औचित्य नहीं है और इससे वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था को खतरा पैदा होता है। सहायक विदेश मंत्री Mariam Al Kaabi ने जोर देकर कहा है कि ईरान को इन हमलों के लिए मुआवजे का भुगतान करना होगा क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
इस संकट की घड़ी में अन्य देशों ने भी यूएई का साथ दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने सहायता के लिए Boeing E-7 Wedgetail विमान और मिसाइलें भेजने की घोषणा की है। वहीं ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने भी रात के समय सात ईरानी हमलावर ड्रोनों को मार गिराने में मदद की है। सऊदी अरब और जॉर्डन ने भी अपनी हवाई सीमा में घुस रहे ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया है। यूएई रक्षा मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि वे किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और देश की संप्रभुता की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।




