Islamabad में जुटे 4 देशों के विदेश मंत्री, US-Iran युद्ध रोकने के लिए पाकिस्तान ने शुरू की बड़ी पहल
इस्लामाबाद में रविवार को पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों की एक बहुत ही अहम बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करना और शांति का रास्ता निकालना है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि चारों देशों ने बातचीत और कूटनीति को ही इस संकट का एकमात्र समाधान माना है।
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इस शांति बैठक में कौन-कौन से देश शामिल हुए?
इस बातचीत में चार देशों के शीर्ष राजनयिकों ने हिस्सा लिया, जिसकी सूची नीचे दी गई है:
| देश | प्रतिनिधि |
|---|---|
| पाकिस्तान | उप-प्रधानमंत्री इशाक डार |
| सऊदी अरब | प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद |
| तुर्की | हाकन फिदान |
| मिस्र | डॉ. बद्र अब्देलाती |
तुर्की के राजनयिक सूत्रों के अनुसार, उनका सबसे बड़ा लक्ष्य फिलहाल युद्धविराम कराना है। इसके अलावा, समुद्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर भी चर्चा हुई ताकि व्यापार में कोई रुकावट न आए। चीन और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने भी पाकिस्तान की इस शांति पहल को अपना पूरा समर्थन दिया है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत पर क्या है ताजा अपडेट?
- पाकिस्तान के विदेश मंत्री के अनुसार, अमेरिका और ईरान दोनों ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भरोसा जताया है।
- आने वाले कुछ दिनों में दोनों पक्षों के बीच इस्लामाबाद में अहम बातचीत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
- ईरान ने फिलहाल अमेरिका के 15-सूत्रीय प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अपना खुद का 5-सूत्रीय प्लान पेश किया है।
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बात कर इस मदद के लिए आभार जताया है।
- हालांकि, ईरान की संसद के अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सेना ने ईरान की जमीन पर कदम रखा, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर काफी राहत भरी हो सकती है क्योंकि सऊदी अरब ने हाल ही में अपने पूर्वी क्षेत्र की ओर आने वाली 5 मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया है। अगर यह शांति वार्ता सफल होती है, तो पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और हवाई व समुद्री यात्राएं सुरक्षित हो सकेंगी।




