West Asia Conflict: खाड़ी देशों में भारतीयों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार ने कसी कमर, जारी हुआ नया अपडेट
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच भारत सरकार ने वहां रहने वाले अपने नागरिकों, विशेषकर नाविकों और छात्रों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को स्पष्ट किया कि भारतीय समुदाय का कल्याण उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मंत्रालय इस पूरे हालात पर करीब से नजर रख रहा है और वहां मौजूद भारतीय मिशन चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को तुरंत सहायता दी जा सके।
अब तक के नुकसान और सुरक्षा को लेकर ताजा जानकारी
30 मार्च 2026 को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस क्षेत्र में चल रहा संघर्ष अब दूसरे महीने में पहुंच गया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के दौरान कुछ भारतीय नागरिकों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। सरकार ने इन आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि सुरक्षा एजेंसियां और दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल भारतीय मृतकों की संख्या | 08 |
| लापता भारतीय नागरिक | 01 |
| भारत लौटने वाले यात्रियों की संख्या | लगभग 5,50,000 |
| कंट्रोल रूम की सुविधा | 24/7 चालू (28 फरवरी से) |
फ्लाइट्स और यात्रा को लेकर क्या हैं नए नियम?
- हवाई यात्रा की स्थिति: भारत और UAE के बीच सीमित संख्या में उड़ानें चल रही हैं। 30 मार्च को UAE से भारत के लिए करीब 85 उड़ानें संचालित होने की संभावना है। सऊदी अरब और ओमान से भी उड़ानें जारी हैं।
- एयरस्पेस की पाबंदी: कुवैत और बहरीन का हवाई क्षेत्र फिलहाल बंद है। इन देशों की एयरलाइंस अब सऊदी अरब के दम्माम एयरपोर्ट का इस्तेमाल कर रही हैं ताकि यात्रियों को भारत पहुंचाया जा सके।
- निकासी के रास्ते: ईरान में फंसे भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते लाया जा रहा है। वहीं इराक, कुवैत और बहरीन में फंसे लोगों के लिए जॉर्डन और सऊदी अरब के रास्ते यात्रा की व्यवस्था की गई है।
- नाविकों के लिए निर्देश: समुद्री जहाजों पर होने वाले हमलों को देखते हुए भारतीय नाविकों के लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है जो फिलहाल प्रभावी रहेगी।




