Kuwait Attack News: कुवैत में बिजली और पानी के प्लांट पर ईरानी हमला, एक भारतीय कर्मचारी की मौत के बाद मिश्र ने जताई कड़ी आपत्ति
मिश्र के विदेश मंत्रालय ने कुवैत में हुए ईरानी हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की है। कुवैत के सैन्य शिविर, बिजली घरों और पानी के प्लांट को निशाना बनाने वाले इन हमलों को मिश्र ने पूरी तरह गलत और अनुचित बताया है। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हो गई है और सैन्य शिविर में 10 जवान घायल हुए हैं। इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और अन्य अरब देशों ने भी इसकी आलोचना की है। मिश्र ने साफ किया है कि वह कुवैत और अन्य खाड़ी देशों की सुरक्षा के लिए उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
कुवैत में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, रविवार शाम एक पावर स्टेशन और वाटर प्लांट पर हमला किया गया। इस हमले में वहां काम करने वाले एक भारतीय नागरिक की जान चली गई और सरकारी संपत्तियों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। कुवैती रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनके हवाई क्षेत्र में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन देखे गए थे। इनमें से कुछ ने सैन्य कैंप पर हमला किया, जिससे 10 सैनिक घायल हो गए। टेक्निकल और इमरजेंसी टीमें मौके पर नुकसान का जायजा ले रही हैं ताकि जरूरी सेवाओं में रुकावट न आए और प्लांट का काम सुचारू रूप से चलता रहे।
क्षेत्रीय देशों और संस्थाओं की क्या रही प्रतिक्रिया?
इस घटना के बाद खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), कतर और अरब लीग ने ईरान की कड़ी निंदा की है। मिश्र ने इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है। हमले की जानकारी और प्रतिक्रियाओं का मुख्य विवरण नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं।
| देश या संस्था | मुख्य बयान और कार्रवाई |
|---|---|
| मिश्र | हमलों को कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। |
| GCC | हमले को क्रूर और ईरान के खराब इरादों का सबूत कहा। |
| कतर | पानी और बिजली जैसे नागरिक ठिकानों पर हमले की निंदा की। |
| ईरान | इज़राइल पर कुवैत के प्लांट पर हमला करने का आरोप लगाया। |
| UAE | 30 मार्च को अपनी सीमा में आने वाली 11 मिसाइलों और 27 ड्रोनों को रोका। |
| जॉर्डन | ईरान की तरफ से दागी गई 5 मिसाइलों और एक ड्रोन को मार गिराया। |
प्रवासियों और आम लोगों पर क्या होगा इसका असर?
कुवैत में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए यह खबर काफी दुखद है क्योंकि हमले में एक भारतीय कर्मचारी की मौत हुई है। खाड़ी के देशों में रहने वाले अन्य प्रवासियों के बीच भी इस तनाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ती इस तनातनी का असर आने वाले समय में उड़ानों और सुरक्षा नियमों पर पड़ सकता है। अमेरिकी प्रशासन ने भी चेतावनी दी है कि अगर क्षेत्र में शांति बहाल नहीं हुई तो ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंच सकता है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और नागरिक सुविधाओं को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है।




