US Secretary of State Rubio का ईरान पर बड़ा आरोप, खाड़ी देशों के एनर्जी प्लांट पर हमले के बाद दी मिसाइल खत्म करने की चेतावनी
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान पर खाड़ी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Energy Infrastructure) को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। 30 मार्च 2026 को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान के मिसाइल भंडार को नष्ट करना अब जरूरी हो गया है। अमेरिका का लक्ष्य अगले कुछ हफ्तों के भीतर ईरान की वायु सेना, नौसेना और हथियारों की फैक्ट्रियों को भारी नुकसान पहुंचाना है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच खाड़ी के कई देशों से हमलों की खबरें आई हैं, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों में हलचल तेज हो गई है।
खाड़ी देशों में हुए हमलों और नुकसान की पूरी जानकारी
पिछले 24 घंटों के दौरान खाड़ी क्षेत्र में कई जगहों पर हमलों की पुष्टि हुई है। इन हमलों का असर वहां के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ा है।
- Bahrain: बहरीन की एल्युमीनियम कंपनी Alba के प्लांट पर ईरानी हमला हुआ है, जिसमें दो कर्मचारी मामूली रूप से घायल हुए हैं।
- UAE: संयुक्त अरब अमीरात के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया।
- Kuwait: कुवैती सेना के मुताबिक हालिया हमलों में उनके 10 सैनिक घायल हुए हैं और इजरायल ने कुवैत के एक प्लांट पर हमले का दावा किया है।
- Energy Market: G7 देशों के मंत्रियों ने ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाने का वादा किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते विवाद के मुख्य बिंदु
इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के शीर्ष नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं। दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
| पक्ष | जारी किया गया आधिकारिक बयान |
|---|---|
| Donald Trump | शांति समझौता न होने पर ईरान के तेल के कुओं और बिजली घरों को तबाह करने की धमकी दी। |
| Iran Speaker | अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत के नाम पर गुप्त रूप से जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है। |
| Marco Rubio | कहा कि अमेरिका मध्यस्थों के जरिए ईरान के भीतर कुछ पक्षों से बातचीत कर रहा है। |
| China | चीन ने दोनों पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोककर शांति वार्ता शुरू करने की अपील की है। |
ईरान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उनका देश परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। वहीं सऊदी अरब, UAE और कतर सहित छह अरब देशों ने एक साझा बयान जारी कर खाड़ी की बुनियादी सुविधाओं पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।




