कुवैत ने इराकी दूतावास के अधिकारी को किया तलब, सीमा पर हमलों को लेकर सौंपा दूसरा विरोध पत्र
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने 30 मार्च 2026 को कुवैत में इराक के दूतावास के प्रभारी जैद शंशुल (Zaid Shanshul) को तलब किया है। कुवैत ने इराकी हथियारबंद समूहों द्वारा कुवैती क्षेत्र को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों पर अपना दूसरा आधिकारिक विरोध पत्र सौंपा। इन हमलों की वजह से कुवैत ने अपनी सुरक्षा और संप्रभुता पर चिंता जताई है और इराक सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है।
कुवैत ने विरोध पत्र में क्या बातें कही हैं?
कुवैत के कार्यवाहक उप विदेश मंत्री राजदूत अजीज अल-दयहानी ने स्पष्ट किया कि ये हमले कुवैत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हैं। कुवैत ने इन हमलों को पूरी तरह खारिज किया है और इराकी सरकार से मांग की है कि वह अपने देश की जमीन का इस्तेमाल हमलों के लिए करने वाले समूहों पर काबू पाए। कुवैत ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत अपनी रक्षा करने और सुरक्षा बनाए रखने के अधिकार की बात भी कही है।
- हमलों का माध्यम: ये हमले ड्रोन और मिसाइलों के जरिए किए जा रहे हैं।
- नुकसान: इन हमलों से जान-माल का नुकसान हुआ है और सैन्य संपत्तियों को भी क्षति पहुंची है।
- निशाना: हथियारबंद समूहों का दावा है कि वे केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं।
- एयरपोर्ट सुरक्षा: इससे पहले कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ईंधन डिपो पर भी हमला हुआ था।
मामले से जुड़े अब तक के बड़े घटनाक्रम क्या हैं?
कुवैत और इराक के बीच सीमा सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से तनाव बढ़ा हुआ है। कुवैत लगातार अंतरराष्ट्रीय संगठनों और इराक सरकार के सामने अपनी शिकायतें दर्ज करा रहा है। इराक के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी खाड़ी देश या जॉर्डन के खिलाफ नहीं होने देगा और वह हमलों से जुड़े सबूतों की जांच करने के लिए तैयार है।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | मिसाइल और ड्रोन हमलों की शुरुआत हुई |
| 4 मार्च 2026 | कुवैत ने पहली बार इराकी प्रभारी को तलब किया |
| 5 मार्च 2026 | सुरक्षा परिषद को हमलों की जानकारी दी गई |
| 22 मार्च 2026 | ICAO में हवाई क्षेत्र उल्लंघन की शिकायत दर्ज की गई |
| 30 मार्च 2026 | कुवैत ने दूसरा आधिकारिक विरोध पत्र सौंपा |
इन घटनाओं का असर कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी पड़ता है। कुवैत सरकार हवाई अड्डों और अन्य जरूरी सुविधाओं की सुरक्षा बढ़ाने पर ध्यान दे रही है ताकि नागरिक और विदेशी सुरक्षित रह सकें।




