Iran Oil Profit: अमेरिका और इजरायल से तनाव के बीच ईरान की चांदी, तेल से रोजाना कमा रहा 139 मिलियन डॉलर
अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे कड़े संघर्ष के बीच ईरान के तेल कारोबार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. जहां एक तरफ होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) में तनाव की वजह से अन्य पड़ोसी खाड़ी देशों की शिपिंग बुरी तरह प्रभावित हुई है, वहीं ईरान चुपचाप अपनी तेल की कमाई बढ़ा रहा है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 में ईरान की रोजाना की तेल कमाई बढ़कर करीब 139 मिलियन डॉलर यानी लगभग 13 अरब रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले महीने के मुकाबले काफी ज्यादा है.
होर्मुज की खाड़ी में ईरान को कैसे हो रहा है फायदा?
होर्मुज की खाड़ी दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे जरूरी रास्ता है, जहां से सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे देशों का तेल और गैस सप्लाई होता है. मौजूदा युद्ध की स्थिति में यहां शिपिंग में काफी दिक्कतें आ रही हैं और कई देशों को अपना तेल उत्पादन तक घटाना पड़ा है. हालांकि, ईरान के तेल टैंकर अपने नियंत्रित रास्तों से आसानी से निकल रहे हैं. ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि यह जलमार्ग केवल उन जहाजों के लिए खुला है जो अमेरिका या इजरायल से जुड़े नहीं हैं. पहले ईरान का तेल ब्रेंट क्रूड के मुकाबले 10 डॉलर सस्ता मिलता था, लेकिन अब यह डिस्काउंट घटकर मात्र 2.10 डॉलर रह गया है, जिससे ईरान का मुनाफा काफी बढ़ गया है.
तेल निर्यात और ट्रांजिट फीस से जुड़ी जरूरी जानकारी
ईरान की कमाई बढ़ने के पीछे कई बड़े कारण हैं और वहां की सरकार नए तरीकों से भी राजस्व जुटा रही है. इसकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं:
| विवरण | ताजा आंकड़े और स्थिति |
|---|---|
| दैनिक कच्चा तेल निर्यात | 1.5 से 1.8 मिलियन बैरल रोजाना |
| मुख्य खरीदार देश | चीन (90% से अधिक निर्यात) |
| कथित ट्रांजिट फीस | 2 मिलियन डॉलर प्रति जहाज (प्रस्तावित) |
| ब्रेंट क्रूड की अधिकतम कीमत | मार्च 2026 में 126 डॉलर तक पहुंची |
| दैनिक कुल राजस्व | लगभग 139-140 मिलियन डॉलर |
ईरान की संसद एक ऐसे बिल पर भी काम कर रही है जिससे होर्मुज की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों से वसूली जाने वाली फीस को कानूनी रूप दिया जा सके. हालांकि इस फीस को लेकर ईरान के आधिकारिक सूत्रों में अलग-अलग राय है, लेकिन कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि कुछ जहाजों से यह अनौपचारिक टोल वसूला जा रहा है.
अमेरिका और अन्य देशों की इस पर क्या है प्रतिक्रिया?
ईरान द्वारा शिपिंग रोकने और भारी कमाई करने पर वैश्विक स्तर पर कड़ा विरोध शुरू हो गया है. अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त सैन्य हमले किए हैं और G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज की खाड़ी में सुरक्षित आवाजाही फिर से शुरू करने की मांग की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर खाड़ी का रास्ता तुरंत नहीं खोला गया, तो ईरान के तेल कुओं और खारग द्वीप (Kharg Island) को निशाना बनाया जाएगा. फिलहाल ईरान अपने समुद्री क्षेत्र में केवल चुनिंदा जहाजों को ही अनुमति दे रहा है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में तनाव बना हुआ है.




