ईरान के जंजन में धार्मिक केंद्र पर US-इजरायल का हमला, गुंबद और मीनार को पहुंचा भारी नुकसान
ईरान के जंजन शहर में स्थित एक प्रमुख धार्मिक केंद्र ‘आजम हुसैनिया’ पर US और इजरायल की तरफ से हमला किया गया है। यह हमला 31 मार्च 2026 को हुआ, जिसमें इस केंद्र के सुनहरे गुंबद और एक मीनार को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी की टीमें फिलहाल जंजन में मलबे के नीचे लोगों की तलाश और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। पिछले 31 दिनों से ईरान पर हो रहे हमलों की वजह से क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
हमले में हुए नुकसान और जान-माल की स्थिति
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने पुष्टि की है कि उत्तर-पश्चिमी शहर जंजन में हुए हमले ने धार्मिक स्थल को निशाना बनाया है। पिछले 24 घंटों में केवल जंजन ही नहीं, बल्कि तेहरान और इस्फहान जैसे शहरों में भी सैन्य ठिकानों पर धमाकों की खबरें मिली हैं। इस युद्ध के कारण आम लोगों के जीवन पर भी काफी बुरा असर पड़ रहा है।
| विवरण | ताजा आंकड़े और जानकारी |
|---|---|
| नागरिक हताहत | पिछले 24 घंटों में 6 लोगों की मौत और 21 घायल |
| हमलों की संख्या | ईरान के 21 प्रांतों में 422 हमले रिपोर्ट किए गए |
| जंजन में नुकसान | आजम हुसैनिया का गुंबद और मीनार क्षतिग्रस्त |
| इजरायल में असर | ईरानी हमले में इजरायल के अंदर 9 लोग घायल हुए |
| ड्रोन की स्थिति | ईरान ने इस्फहान के पास एक MQ-9 ड्रोन गिराने का दावा किया |
विभिन्न देशों के आधिकारिक बयान और कूटनीति
- United States: विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन बनाने वाले सेंटर पूरी तरह तबाह किए जाएंगे और यह अभियान हफ्तों में खत्म हो सकता है।
- Israel: प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि इजरायल ईरानी सरकार के ठिकानों पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेगा।
- Iran: ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है और वाशिंगटन की शर्तों को अव्यावहारिक बताया है।
- Saudi Arabia: ईरान के शीर्ष राजनयिक ने सऊदी अरब से अपनी जमीन से अमेरिकी सेना को हटाने के लिए कहा है।
- International Response: यूरोपीय संघ और अजरबैजान ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और लंबे समय से चल रहे युद्ध पर चिंता जताई है।




