Gulf Region Crisis: कुवैत और सऊदी अरब पर ईरानी ड्रोन से हमला, दुबई में तेल टैंकर में लगी आग
खाड़ी के कई देशों में ईरान की तरफ से लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे हैं। 31 मार्च 2026 को कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सेना ने इन हमलों को रोकने के लिए अपनी डिफेंस प्रणाली का इस्तेमाल किया। इन हमलों की वजह से कुवैत के एक तेल टैंकर में आग लग गई और सऊदी अरब के रियाद में घरों को मामूली नुकसान पहुँचा है। खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों के बीच इस तनाव से चिंता बढ़ गई है।
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हमलों से कहाँ और कितना नुकसान हुआ है?
ईरान की तरफ से पिछले कुछ दिनों से लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिनसे तेल आपूर्ति और आम जनजीवन पर असर पड़ा है। नीचे दी गई टेबल में हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है:
| देश | नुकसान और घटना की जानकारी |
|---|---|
| Kuwait | Al-Salmi तेल टैंकर में आग और वाटर प्लांट पर हमला हुआ |
| Saudi Arabia | रियाद और पूर्वी क्षेत्र में मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं, मलबे से घरों को नुकसान |
| UAE | दुबई पोर्ट पर खड़े एक कुवैती टैंकर पर ड्रोन से हमला हुआ |
| Israel | यरूशलेम में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और सायरन बजाए गए |
| Turkey | तुर्की के आसमान में ईरानी मिसाइल घुसी जिसे NATO ने मार गिराया |
| USA | अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के तेल कुओं को तबाह करने की धमकी दी |
प्रवासियों और आम जनता की सुरक्षा पर क्या असर पड़ा है?
खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर हो गई है। सऊदी अरब के रियाद में मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया गया, लेकिन उनका मलबा रिहायशी इलाकों में गिरने से कुछ घरों को नुकसान पहुँचा है। सुरक्षा कारणों से NYU Abu Dhabi ने अपना कैंपस बंद कर दिया है क्योंकि ईरान ने अमेरिकी संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही थी।
कुवैत की सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम लगातार काम कर रहे हैं। 30 मार्च को एक हमले में एक कर्मचारी की मौत भी हुई थी। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने अब तक ईरान के 150 जहाजों को नष्ट कर दिया है। खाड़ी के देश अब अमेरिका से ईरान पर और सख्त सैन्य कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।




