Donald Trump ने दिया ईरान युद्ध खत्म करने का संकेत, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में गिरे तेल के दाम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने की इच्छा जताई है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने अपने सहयोगियों को संकेत दिया है कि वह इस संघर्ष को रोकने के लिए तैयार हैं। इस खबर के सार्वजनिक होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप का मानना है कि ईरान में बड़े नेताओं के बाद अब वहां का नया नेतृत्व बातचीत के लिए अधिक लचीला रुख अपना सकता है।
🚨: Saudi Arabia News: सऊदी के अल-खर्ज में ड्रोन गिराया गया, मलबे की चपेट में आने से 2 लोग घायल।
युद्ध खत्म करने को लेकर ट्रंप प्रशासन की क्या है तैयारी?
राष्ट्रपति ट्रंप ने 6 अप्रैल 2026 तक इस युद्ध को समाप्त करने के लिए एक नई समय सीमा तय की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस तारीख तक कोई बड़ा समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी पुष्टि की है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ डील करने की कोशिश में है। हालांकि अमेरिका ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता नहीं खुला, तो ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले फिर से शुरू किए जा सकते हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति और बड़े अपडेट
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने साफ कर दिया है कि युद्ध खत्म करने का कोई भी फैसला केवल उन शर्तों पर होगा जो ईरान की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करती हों। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बिचौलियों के जरिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| डेडलाइन | 6 अप्रैल 2026 तक समझौते की उम्मीद |
| तेल की कीमत | रिपोर्ट के बाद कच्चे तेल के दाम 1% गिरे |
| अमेरिकी रणनीति | मिसाइल और ड्रोन बनाने वाले केंद्रों को खत्म करना |
| सऊदी अरब का रुख | सऊदी सरकार ने शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है |
| ताजा घटना | फारस की खाड़ी में कुवैती तेल टैंकर पर हमला हुआ |
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका के युद्ध संबंधी लक्ष्य कुछ ही हफ्तों में पूरे किए जा सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना उनकी प्राथमिकता है। दूसरी तरफ लेबनान में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है जहां इजरायली सैनिकों और संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों के बीच हिंसक घटनाओं की खबरें आई हैं।




