इजरायल के Petah Tikva पर ईरान का मिसाइल हमला, खाड़ी देशों में तेल टैंकर और जहाजों को बनाया गया निशाना
ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध 31 मार्च 2026 को और भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने इजरायल के Petah Tikva, Tel Aviv और Bnei Brak जैसे घनी आबादी वाले इलाकों पर मिसाइलें दागीं। जवाबी कार्रवाई में US और Israel की वायु सेना ने ईरान के Isfahan और Tehran समेत 170 ठिकानों पर भारी बमबारी की है। इस तनाव का असर अब खाड़ी के अन्य देशों पर भी साफ दिखने लगा है।
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इस हमले और जवाबी कार्रवाई की मुख्य बातें क्या हैं?
- ईरान के हमले में इजरायल के मध्य हिस्से में 9 लोग घायल हुए हैं और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
- Israel Defense Forces (IDF) ने लेबनान में भी कई आतंकवादियों को ढेर करने का दावा किया है।
- Amnesty International ने रिहायशी इलाकों में मिसाइलों के इस्तेमाल को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखने की बात कही है।
- Donald Trump ने ईरान के ऊर्जा संसाधनों को पूरी तरह तबाह करने की चेतावनी दी है।
- इस युद्ध में अब तक ईरान में 1900 से अधिक और इजरायल में 19 लोगों की मौत हो चुकी है।
खाड़ी क्षेत्र और प्रवासियों के लिए क्या स्थिति है?
खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है क्योंकि यह संघर्ष अब समुद्र तक फैल गया है। दुबई के पास समुद्री क्षेत्र में एक कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला हुआ जिसके बाद वहां आग लग गई। सऊदी अरब ने अपनी सीमा के भीतर आती हुई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में भी इस तनाव का सीधा असर देखने को मिल रहा है जिससे व्यापार और यात्रा प्रभावित हो सकती है।
| स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|
| Petah Tikva | ईरानी मिसाइल का सीधा प्रहार और नुकसान |
| Dubai Waters | कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन हमला और आग |
| Saudi Arabia | 3 बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया |
| Isfahan | अमेरिका और इजरायल द्वारा किया गया जवाबी हमला |
| Lebanon | 4 इजरायली सैनिक और 2 UN शांतिदूतों की मौत |




