अमेरिका और ईरान तनाव पर डोनाल्ड ट्रंप का पुराना भाषण चर्चा में, मिसाइल हमले के बाद की थी बड़ी घोषणाएं
साल 2020 में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से देश को संबोधित करते हुए ईरान के मिसाइल हमलों पर अहम जानकारी साझा की थी। यह भाषण उस समय दिया गया था जब ईरान ने इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इस ऐतिहासिक संबोधन की जानकारी एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
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ईरानी मिसाइल हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?
अपने संबोधन में ट्रंप ने साफ किया था कि ईरान के मिसाइल हमलों में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने बताया था कि सैन्य अड्डों को बहुत कम क्षति हुई है और सभी सैनिक सुरक्षित हैं। ट्रंप ने तत्कालीन स्थिति में सैन्य कार्रवाई के बजाय ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था। उन्होंने जोर देकर कहा था कि उनके कार्यकाल में ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
संबोधन से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां और घटनाक्रम
- यह घटना 8 जनवरी, 2020 की है जब ईरान ने कासिम सुलेमानी की मौत के प्रतिशोध में मिसाइलें दागी थीं।
- ईरान ने इराक के अल-असद और एरबिल एयर बेस पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें छोड़ी थीं।
- ट्रंप ने नाटो (NATO) से मध्य पूर्व के मामलों में और अधिक शामिल होने का आग्रह किया था।
- उन्होंने कहा था कि अमेरिका की सैन्य ताकत और उसकी आर्थिक शक्ति ही सबसे अच्छा बचाव है।
- भाषण के अंत में ट्रंप ने ईरान के लोगों और वहां के नेताओं से शांति को अपनाने की अपील की थी।
व्हाइट हाउस से दिए गए इस भाषण में ट्रंप ने स्पष्ट किया था कि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा किए गए उन हमलों के बाद पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका की अगली रणनीति पर टिकी हुई थीं। ट्रंप ने उस समय सैन्य तनाव को कम करने की दिशा में कदम उठाया था।




