कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला, फ्यूल डिपो में लगी भयंकर आग, यात्रा करने वालों की बढ़ी चिंता
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 1 अप्रैल 2026 को एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ है। कुवैत के सरकारी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह हमला ईरान और उससे जुड़े समूहों की तरफ से किया गया है। इस हमले में एयरपोर्ट के फ्यूल डिपो यानी तेल भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया जिससे वहां भीषण आग लग गई। कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और वहां से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी चिंताजनक है। राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं आई है।
कुवैत एयरपोर्ट हमले में अब तक क्या हुआ?
कुवैत की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (DGCA) के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने बताया कि ड्रोन ने कुवैत एविएशन फ्यूलिंग कंपनी (KAFCO) के फ्यूल डिपो को निशाना बनाया। हमले के तुरंत बाद इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया और दमकल विभाग की टीमों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। एयरपोर्ट पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है और इस घटना की कड़ी निंदा की है।
अन्य खाड़ी देशों में भी अलर्ट जारी
सिर्फ कुवैत ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। पिछले 24 घंटों में खाड़ी के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं। सऊदी अरब और जॉर्डन ने भी मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है। खाड़ी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा से पहले एयरपोर्ट और एयरलाइंस से ताजा जानकारी जरूर ले लें।
| देश का नाम | ताजा घटनाक्रम |
|---|---|
| Kuwait | एयरपोर्ट फ्यूल डिपो पर हमला और आग |
| Saudi Arabia | दो ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया गया |
| UAE | ईरानी नागरिकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर रोक |
| Jordan | चार ईरानी मिसाइलों को मार गिराया गया |
| Qatar | दोहा के पास एक टैंकर पर हमला हुआ |
| Bahrain | एक कंपनी में हमले के बाद लगी आग |
इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए यूएई ने ईरानी नागरिकों के देश में आने या वहां से गुजरने पर फिलहाल रोक लगा दी है। कुवैत और आसपास के देशों में काम करने वाले प्रवासियों को स्थानीय सुरक्षा नियमों का पालन करने और अफवाहों से बचने के लिए कहा गया है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच अब पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है जिससे फ्लाइट्स के समय पर भी असर पड़ सकता है।




