इजरायल और अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, 4000 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना, 10 हजार आतंकी ठिकानों के तबाह होने का दावा
इजरायल और अमेरिका की सेनाओं ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। IDF के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले एक महीने से चल रही इस कार्रवाई में ईरान के सैन्य ठिकानों और परमाणु कार्यक्रम को भारी नुकसान पहुंचा है। इस हमले का मकसद ईरान के नेटवर्क को कमजोर करना है। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 4,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया जा चुका है और करीब 10,000 आतंकी घटकों को निशाना बनाया गया है।
इजरायल ने ईरान में किन ठिकानों को बनाया निशाना?
इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के सैन्य उद्योग के लगभग सभी जरूरी हिस्सों पर हमला किया है। सेना के प्रवक्ता Brigadier General Effie Defrin ने बताया कि इस अभियान में करीब 16,000 बम और मिसाइलें गिराई गई हैं। इजरायल का दावा है कि उन्होंने तेहरान के करीब 40 वरिष्ठ अधिकारियों को बहुत ही कम समय में खत्म कर दिया है। इसके अलावा ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया है।
अमेरिका और ईरान का इस हमले पर क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान दिया है कि ईरान की सेना अब काफी कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। अमेरिका ने ईरान को शांति समझौता स्वीकार करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ किया है कि उन्हें अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। ईरान ने किसी भी जमीनी हमले का पूरी ताकत से जवाब देने की बात कही है।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां और नुकसान का विवरण
| विवरण | दावा/आंकड़ा |
|---|---|
| कुल निशाने बनाए गए ठिकाने | 4,000 से अधिक |
| नष्ट किए गए आतंकी घटक | 10,000 से अधिक |
| इस्तेमाल किए गए बम/गोले | लगभग 16,000 |
| मारे गए सैन्य अधिकारी/कमांडर | 2,000 से अधिक |
| पहचाने गए नए लक्ष्य | 5,000 के करीब |
| अभियान की शुरुआत | 1 मार्च 2026 (लगभग) |




