होर्मुज के रास्ते भारत पहुँचा LPG से लदा जहाज, युद्ध के बीच नौसेना ने दी सुरक्षा
ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर पाइन गैस (Pine Gas) होर्मुज जलडमरूमध्य का कठिन रास्ता पार कर सुरक्षित भारत पहुँच गया है। युद्ध की वजह से इस जहाज को रास्ता पार करने में करीब तीन हफ्ते का समय लग गया, जबकि सामान्य स्थिति में यह यात्रा एक हफ्ते में पूरी हो जाती थी। इस दौरान भारतीय नौसेना ने सुरक्षा प्रदान की और जहाज को सुरक्षित गलियारे से निकाला। वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, लेकिन भारत सरकार और नौसेना लगातार अपने जहाजों की निगरानी कर रही है।
भारतीय नाविकों ने कैसे पार किया खतरनाक रास्ता?
- पाइन गैस जहाज पर मौजूद 27 क्रू मेंबर्स करीब तीन हफ्ते तक डर के साये में रहे।
- जहाज के चीफ ऑफिसर सोहन लाल ने बताया कि वे हर दिन अपने ऊपर मिसाइलें और ड्रोन उड़ते देखते थे।
- भारतीय नौसेना ने सुरक्षा को देखते हुए जहाज को मुख्य होर्मुज मार्ग के बजाय लारक मार्ग (Larak Route) से जाने की सलाह दी।
- जहाज को ईरान के तट के पास एक संकरे चैनल से गुजरने की अनुमति मिली क्योंकि मुख्य रास्ते में बारूदी सुरंगों का खतरा था।
- भारतीय नौसेना के युद्धपोतों ने ओमान की खाड़ी से अरब सागर तक करीब 20 घंटे की यात्रा के दौरान जहाज को लगातार गाइड किया।
ईरान और सुरक्षा नियमों से जुड़े ताज़ा अपडेट
ईरान ने यह स्पष्ट किया है कि वह भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा, लेकिन इसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ संपर्क में रहना होगा। भारतीय अधिकारियों और जहाज के मालिकों की सहमति के बाद ही टैंकर को आगे बढ़ने की परमिशन मिली थी। भारत सरकार के मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑपरेशन संकल्प’ चलाया जा रहा है।
| विषय | नवीनतम जानकारी |
|---|---|
| ईरान का नया नियम | जहाजों की आवाजाही पर भारी टोल और सख्त निगरानी लागू की गई है। |
| भारतीय नाविकों की संख्या | करीब 20 भारतीय जहाजों पर 540 नाविक वर्तमान में सुरक्षित हैं। |
| अमेरिकी रुख | राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि युद्ध 2-3 हफ्ते में खत्म हो सकता है। |
| इजरायल की कार्रवाई | इजरायल ने ईरान के इस्फहान शहर पर फिर से बमबारी की है। |
पाइन गैस के अलावा जग वसंत, शिवालिक और नंदा देवी जैसे भारतीय जहाज भी सफलतापूर्वक एलपीजी लेकर भारत पहुँचे हैं। भारतीय नौसेना के युद्धपोत लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं ताकि खाड़ी देशों से आने वाले तेल और गैस की सप्लाई में कोई रुकावट न आए। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह केवल मित्र देशों के जहाजों को ही इस रास्ते से जाने देगा, जबकि दुश्मन देशों के जहाजों पर पाबंदी रहेगी।




