मलेशिया के जहाजों को ईरान नहीं देना होगा कोई टैक्स, होर्मुज जलडमरूमध्य से फ्री में गुजरेंगे जहाज
मलेशिया के जहाजों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले मलेशियाई जहाजों को ईरान को कोई भी ट्रांजिट फीस नहीं देनी होगी। मलेशिया के संचार मंत्री फहमी फज़िल ने 1 अप्रैल 2026 को साफ किया कि उनके कई जहाज इस रास्ते से बिना किसी भुगतान के गुजर रहे हैं। यह कदम ईरान द्वारा हाल ही में व्यापारिक जहाजों पर लगाए गए भारी टैक्स के बीच आया है।
मलेशिया को यह छूट कैसे मिली?
मलेशियाई सरकार ने इस मामले को सुलझाने के लिए ईरान के साथ उच्च स्तरीय बातचीत की थी। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और विदेश मंत्री ने ईरानी अधिकारियों से संपर्क किया ताकि उनके सात जहाजों का रास्ता साफ हो सके। ईरान ने मलेशिया के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला देते हुए इन जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने की अनुमति दी है।
- Petroliam Nasional और MISC जैसी कंपनियों के जहाजों को राहत मिली है।
- मलेशिया के परिवहन मंत्री ने पहले ही बताया था कि ईरान के राजदूत ने फीस न लेने का भरोसा दिया है।
- ईरान ने केवल अपने मित्र देशों के जहाजों को ही इस तरह की छूट दी है।
- मलेशिया के अलावा भारत, चीन और रूस जैसे देशों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
ईरान का नया नियम और अंतरराष्ट्रीय विवाद
ईरान की संसद ने हाल ही में एक नया कानून पास किया था जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर कमर्शियल जहाज से करीब 20 लाख डॉलर यानी 2 मिलियन डॉलर की फीस लेने का फैसला किया गया था। ईरान का कहना है कि वह इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा करता है इसलिए उसे फीस लेने का हक है। हालांकि, अमेरिका और भारत जैसे देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) का उल्लंघन बताया है।
| देश | ईरान का रुख |
|---|---|
| मलेशिया | पूरी तरह छूट दी गई |
| भारत और चीन | समझौते के बाद राहत की संभावना | नियमों का कड़ा विरोध किया |
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नेचुरल समुद्री रास्ते या स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाना कानूनी रूप से सही नहीं है। इसके बावजूद ईरान ने अपनी नई नीति लागू की है जिससे वैश्विक शिपिंग पर असर पड़ रहा है। मलेशियाई अधिकारियों ने कहा है कि उनके जहाज कूटनीतिक बातचीत की वजह से सुरक्षित और मुफ्त में सफर कर पा रहे हैं।




