अरब देशों का बड़ा ऐलान, ईरान के हमले के खिलाफ सऊदी समेत कई देश एकजुट, सुरक्षा पर नया फैसला
1 अप्रैल 2026 को अरब देशों के गृह मंत्रियों की एक बड़ी बैठक हुई जिसमें ईरान की तरफ से किए गए हमलों की निंदा की गई है। परिषद ने साफ कर दिया है कि वे उन सभी देशों के साथ खड़े हैं जिनकी सुरक्षा और सीमाओं को खतरा पैदा हुआ है। सऊदी अरब के गृह मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सऊद ने इसे एक गंभीर स्थिति बताया है जो पूरे इलाके की शांति और स्थिरता को बिगाड़ सकती है।
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बैठक में सऊदी गृह मंत्री ने क्या कहा
सऊदी अरब के गृह मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सऊद ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इस तरह के हमले किसी भी तरह से सही नहीं ठहराए जा सकते। उन्होंने बताया कि इससे न केवल देशों की सीमा को खतरा है बल्कि आम जनता की जान और सरकारी ढांचे को भी जोखिम में डाला जा रहा है। उन्होंने सुरक्षा के काम को और आधुनिक बनाने पर जोर दिया ताकि भविष्य में ऐसी चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके। मंत्री ने साफ कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव अब समय की जरूरत है।
इन देशों की सुरक्षा और भविष्य की योजना पर चर्चा
बैठक के दौरान उन देशों के नाम लिए गए जिनकी सीमाओं और हवाई क्षेत्र में दखलअंदाजी की बात सामने आई है। इस बैठक में आतंकवाद से निपटने के लिए भी नई रणनीति बनाई गई है। मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत जैसे मुख्य अरब देशों की सुरक्षा पर बात हुई।
- कतर, ओमान और जॉर्डन की सीमाओं की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई गई।
- आतंकवाद से निपटने के लिए संशोधित अरब रणनीति की दूसरी योजना पर चर्चा की गई।
- डॉक्टर मोहम्मद बिन अली कोमान और नायफ अरब यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया।
- बैठक में बताया गया कि यह हमला देशों की संप्रभुता का उल्लंघन है जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।




