Trump का बड़ा बयान, Hormuz Strait खुलने पर ही होगा सीज़फायर पर विचार, ईरान ने बातचीत से किया इनकार
1 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह ईरान के सीज़फायर के कथित अनुरोध पर तभी विचार करेंगे जब यह समुद्री रास्ता पूरी तरह से खुल जाएगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जब तक रास्ता साफ नहीं होता, तब तक अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा। दूसरी तरफ ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत नहीं कर रहा है।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की मुख्य वजह क्या है?
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरान के राष्ट्रपति ने युद्ध रोकने का अनुरोध किया है। हालांकि ट्रंप ने इसके लिए Hormuz Strait को पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखने की शर्त रखी है। ट्रंप का मानना है कि यह युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है। अमेरिका ने पहले ही 6 अप्रैल तक का समय दिया है ताकि इस रास्ते को व्यापार के लिए खोला जा सके।
वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का कोई आधार नहीं है और वे अपनी रक्षा के लिए लड़ना जारी रखेंगे। ईरान का कहना है कि वे किसी भी धमकी या समय सीमा के आगे नहीं झुकेंगे। हालांकि यह बात भी सामने आई है कि दोनों देशों के बीच कुछ संदेशों का आदान-प्रदान जरूर हुआ है।
खाड़ी देशों और वहां रहने वाले लोगों पर क्या असर हो रहा है?
इस तनाव की वजह से खाड़ी के कई देशों में सुरक्षा के हालात बिगड़ रहे हैं। 1 अप्रैल को कुवैत और यूएई जैसे देशों में हमले और मलबे गिरने की खबरें आईं। इससे वहां रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। नीचे दी गई तालिका में हालिया घटनाओं का विवरण दिया गया है:
| जगह | प्रमुख घटना |
|---|---|
| Kuwait | अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले से आग लगी |
| UAE | फुजैरा में ड्रोन का मलबा गिरने से एक नागरिक की मौत |
| Israel | हूती और हिजबुल्लाह द्वारा मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ली गई |
| Hormuz Strait | तेल के जहाजों के लिए रास्ता फिलहाल बाधित है |
समुद्री रास्ते बंद होने से दुनिया भर में तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है। पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है और उसके झंडे वाले तेल के टैंकरों को रास्ता दिया गया है। अमेरिका ने स्थिति को देखते हुए अपनी नौसेना के बड़े जहाजों और हजारों सैनिकों को मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिया है। खाड़ी में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।




