UAE मंत्री की बड़ी चेतावनी, हॉर्मुज के रास्ते में रुकावट से तेल और खाने-पीने की चीज़ें होंगी महंगी, दुनिया पर मंडराया आर्थिक संकट
UAE के उद्योग मंत्री और ADNOC के CEO Dr. Sultan Ahmed Al Jaber ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मात्र 33 किलोमीटर चौड़ा यह समुद्री रास्ता पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए बहुत ज़रूरी है। डॉ. जाबेर के अनुसार, इस रास्ते में ईरान की दखलअंदाज़ी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक असहनीय आर्थिक दबाव है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
हॉर्मुज में तनाव से आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?
डॉ. सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि इस समुद्री रास्ते में होने वाली रुकावटों का असर सबसे पहले एशियाई देशों पर पड़ा है। तेल की सप्लाई प्रभावित होने की वजह से कई जगहों पर काम के घंटे कम करने पड़े और ईंधन के इस्तेमाल पर पाबंदियाँ लगानी पड़ीं। अब यह संकट यूरोप तक पहुँच रहा है, जिससे वहां महंगाई बढ़ रही है और खाने-पीने की चीज़ों के दाम आसमान छू रहे हैं।
- पिछले तीन हफ्तों में तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत का उछाल आया है।
- ईंधन की राशनिंग और उड़ानों की संख्या में कमी देखी जा रही है।
- दुनिया भर में महंगाई दर (Inflation) बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
इस समुद्री रास्ते का दुनिया के व्यापार के लिए महत्व
हॉर्मुज का रास्ता वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा माना जाता है। यहाँ से होने वाली सप्लाई का विवरण नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
| सप्लाई का प्रकार | वैश्विक हिस्सा (लगभग) |
|---|---|
| कुल ऊर्जा प्रवाह (Energy Flow) | 20% |
| सल्फर सप्लाई (दवाई और खाद के लिए) | 50% |
| एलपीजी (LPG) व्यापार | 30% |
डॉ. जाबेर ने हॉर्मुज में ऊर्जा के प्रवाह को रोकने की कोशिश को “आर्थिक आतंकवाद” और “ग्लोबल इकोनॉमिक एक्सटॉर्शन” करार दिया है। उनका कहना है कि जब इस रास्ते से व्यापार सुचारू रूप से चलता है, तभी दुनिया की अर्थव्यवस्था तरक्की करती है।
सैन्य कार्रवाई की खबरों पर UAE का आधिकारिक रुख
UAE के एक अधिकारी ने उन विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रामक बताया है जिनमें दावा किया गया था कि UAE सैन्य कार्रवाई के लिए दबाव बना रहा है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि UAE का रुख पूरी तरह से सुरक्षात्मक है और वह अपनी संप्रभुता और लोगों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। UAE अंतरराष्ट्रीय कानूनों और UN Security Council के नियमों का पालन करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक सहयोग का समर्थन करता है।




