Strait of Hormuz में तनाव से तेल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी, Vladimir Putin ने दुनिया को दी चेतावनी
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने एक बयान जारी कर चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz में चल रही अशांति का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल-गैस की कीमतों पर पड़ रहा है। 1 अप्रैल 2026 को आई रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की वजह से दुनिया के ऊर्जा बाजार और परिवहन मार्गों की सुरक्षा खतरे में आ गई है। मार्च के महीने में इस समुद्री रास्ते से होने वाली आवाजाही में 95 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही की ताज़ा स्थिति क्या है?
- मार्च 2026 की शुरुआत से ही इस समुद्री रास्ते को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया था।
- फरवरी में यहाँ से रोज़ाना औसतन 129 जहाज गुजरते थे, लेकिन मार्च में यह संख्या घटकर बहुत कम रह गई है।
- Iran अब केवल चुनिंदा जहाजों को ही यहाँ से गुजरने की अनुमति दे रहा है, जिसमें कृषि उत्पाद और उसका अपना तेल ले जाने वाले टैंकर शामिल हैं।
- ईरान की संसद एक ऐसे बिल पर विचार कर रही है जिसके तहत इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल या शुल्क वसूला जाएगा।
- विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार किसी भी देश को इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर फीस लेने का अधिकार नहीं है।
तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा?
Vladimir Putin ने आगाह किया है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ तो एक महीने के भीतर इस रास्ते से तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है। इस रुकावट की वजह से कच्चे तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल की कीमतों में पहले ही उछाल देखा जा रहा है। इसका असर केवल तेल कंपनियों पर नहीं, बल्कि आम जनता के घर के बजट पर भी पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि अगले 12 से 24 महीनों तक खाने-पीने की चीजों और राशन के दामों में बढ़ोतरी महसूस की जा सकती है। इसके विकल्प के रूप में सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट और ओमान के रास्तों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।
खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और सुरक्षा पर प्रभाव
| प्रमुख घटना | प्रभाव और स्थिति |
|---|---|
| कुवैत एयरपोर्ट हमला | 1 अप्रैल को कुवैत एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे आग लग गई। |
| फ्लाइट और शिपिंग खर्च | ईंधन महंगा होने से हवाई यात्रा और सामान भेजने का खर्च बढ़ रहा है। |
| रूस का प्रस्ताव | पुतिन ने इस संकट से निपटने के लिए नए लॉजिस्टिक और व्यापारिक रास्ते बनाने की पेशकश की है। |
| अमेरिका का रुख | Donald Trump ने कहा है कि वह इस रास्ते को खुलवाने के लिए दबाव बनाना जारी रखेंगे। |
इस पूरे संकट का सीधा असर सऊदी अरब, कुवैत और ओमान में रह रहे भारतीय प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। व्यापारिक रास्तों में बदलाव और सुरक्षा कारणों से सामान की आवाजाही महंगी हो रही है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने भी इस तनाव को कम करने और Strait of Hormuz को फिर से पूरी तरह खोलने की अपील की है ताकि वैश्विक व्यापार सामान्य हो सके।




