तेहरान में हुए भीषण धमाके, इज़राइली एयरफोर्स ने 15 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान की राजधानी तेहरान में बुधवार 1 अप्रैल 2026 को रात के समय कई ज़ोरदार धमाके सुने गए। इज़राइली सेना ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उनकी वायुसेना ने तेहरान में मौजूद करीब 15 सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इन हमलों के बाद ईरान के सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि की है कि शहर के उत्तरी, पूर्वी और मध्य हिस्सों में धमाके हुए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
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इज़राइली सेना ने किन ठिकानों पर हमले किए हैं?
इज़राइली सेना के मुताबिक उन्होंने तेहरान में हथियारों के उत्पादन वाले ठिकानों को अपना लक्ष्य बनाया। इसमें रक्षा मंत्रालय का एक मुख्य परिसर भी शामिल था जहाँ उन्नत एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें विकसित की जा रही थीं। हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण और स्टोरेज यूनिट्स को भी भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया गया है। सेना ने बताया कि पिछले 48 घंटों में उन्होंने ईरान के अलग-अलग हिस्सों में 400 से ज़्यादा हवाई हमले किए हैं।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ रहा है?
इस संघर्ष का असर अब खाड़ी के अन्य देशों पर भी दिखने लगा है जिससे वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति इस प्रकार है:
- सऊदी अरब ने बुधवार को अपनी सीमा में घुस रहे दो ड्रोन को मार गिराने की जानकारी दी है।
- कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हमले के कारण भीषण आग लगने की खबरें मिली हैं।
- बहरीन के एक व्यावसायिक केंद्र और कतर के तट के पास एक टैंकर को निशाना बनाने की बात सामने आई है।
- ईरान में पिछले पाँच हफ्तों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है जिससे वहां रह रहे लोग अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
ईरान और अमेरिका का इस तनाव पर क्या कहना है?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनका देश कभी भी युद्ध की पहल नहीं करता लेकिन मौजूदा कार्रवाई आत्मरक्षा में उठाया गया कदम है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ यह सैन्य अभियान दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। अमेरिका ने स्थिति को देखते हुए मिडिल ईस्ट में अपने हज़ारों सैनिकों और युद्धपोतों की तैनाती बढ़ा दी है। फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी तरह की सीधी बातचीत नहीं हो रही है।




