Iran Intelligence Operation: ईरान ने पकड़े अमेरिका और इज़राइल के जासूसी उपकरण, कई लोग हुए गिरफ्तार
ईरान के खुफिया विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई में अमेरिका और इज़राइल के 45 आधुनिक जासूसी उपकरणों को ज़ब्त किया है। सुरक्षा बलों ने पश्चिमी अजरबैजान (West Azarbaijan) प्रांत में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है जो कथित तौर पर विदेशी ताकतों के लिए काम कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ये लोग सैन्य ठिकानों की जानकारी इज़राइल की खुफिया एजेंसी Mossad को दे रहे थे। यह घटना ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच सामने आई है।
खुफिया विभाग ने क्या-क्या बरामद किया है?
ईरान के खुफिया मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा बलों ने 45 अत्याधुनिक जासूसी और संचार उपकरणों की एक बड़ी खेप पकड़ी है। ये सभी उपकरण अमेरिका और इज़राइल में बने हुए हैं जिन्हें उत्तर-पश्चिमी सीमाओं के रास्ते ईरान में लाया जा रहा था। इस ऑपरेशन के दौरान आठ अलगाववादी आतंकवादियों को भी हिरासत में लिया गया है। पकड़े गए लोगों में से चार पिरानशहर (Piranshahr) में एक सेल बनाकर काम कर रहे थे और Mossad को संवेदनशील सैन्य ठिकानों के लोकेशन भेज रहे थे।
पकड़े गए लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?
- ईरान के खुफिया मंत्रालय ने साफ किया है कि जासूसी के आरोप में पकड़े गए लोगों को मौत की सजा हो सकती है।
- सरकार ऐसे लोगों की संपत्तियों को भी ज़ब्त करने की योजना बना रही है जो दूसरे देशों की मदद कर रहे हैं।
- पिछले एक महीने के दौरान करीब 1,000 लोगों को विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने के शक में गिरफ्तार किया गया है।
- डिजिटल गतिविधियों के जरिए जासूसी करने वालों के खिलाफ भी अब सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं।
इस तनाव के पीछे की मुख्य वजह क्या है?
ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच यह तनाव 28 फरवरी 2026 को पूर्व नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद और बढ़ गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इज़राइल उन पर जंग थोप रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने वॉशिंगटन को इज़राइल का एजेंट बताया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने की चेतावनी भी दी है।
| महत्वपूर्ण तारीख | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 28 फरवरी 2026 | पूर्व नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत |
| 31 मार्च 2026 | जासूसी के खिलाफ सख्त कानून की घोषणा |
| 1 अप्रैल 2026 | 45 जासूसी उपकरण बरामद और गिरफ्तारियां |




