Iran War Update: ट्रंप का आज रात राष्ट्र के नाम संबोधन, विशेषज्ञों ने उनकी छवि पर उठाए सवाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump आज रात 9 बजे जनता को संबोधित करने वाले हैं। इस भाषण से पहले वर्जीनिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर Barbara Perry ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि ट्रंप ने एक ऐसी जंग शुरू कर दी है जिसे खत्म करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है और इसका असर उनके राजनीतिक करियर और छवि पर पड़ेगा। इस बीच ईरान ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने युद्धविराम की बात कही थी।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद के मुख्य बिंदु
इस पूरे मामले में पिछले 24 घंटों में कई बड़ी खबरें सामने आई हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि युद्ध के लक्ष्य पूरे हो रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही इशारा कर रही है। यहाँ मुख्य जानकारी दी गई है:
- Donald Trump का संबोधन: ट्रंप आज रात 9 बजे (ET) ईरान युद्ध पर एक महत्वपूर्ण अपडेट देंगे।
- युद्धविराम का दावा: ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के राष्ट्रपति ने युद्धविराम की मांग की है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे पूरी तरह गलत बताया है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर उन्होंने यह रास्ता नहीं खोला तो ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
- NATO से बाहर निकलने की चर्चा: ट्रंप अमेरिका को नाटो (NATO) से बाहर निकालने पर भी विचार कर रहे हैं।
- सैन्य तैनाती: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका ने अपने जहाजी बेड़े और हजारों सैनिकों को तैनात किया है।
युद्ध की समयसीमा और अब तक के घटनाक्रम
इस युद्ध को लेकर जो तारीखें और नियम सामने आए हैं, उन्हें समझना जरूरी है। खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि यमन के हूती विद्रोही भी जवाबी हमले कर रहे हैं। नीचे दी गई टेबल में मुख्य घटनाक्रम देखें:
| तारीख | घटना / अपडेट |
|---|---|
| 1 अप्रैल 2026 | Donald Trump का राष्ट्र के नाम संबोधन और युद्ध पर बड़ी घोषणा। |
| फरवरी 2026 | अमेरिका और इजरायल ने ‘Operation Epic Fury’ के तहत हमले शुरू किए। | ईरान के लिए Strait of Hormuz खोलने की आखिरी समयसीमा। |
| 29 अप्रैल 2026 | रक्षा सचिव Pete Hegseth अमेरिकी संसद में गवाही दे सकते हैं। |
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी तरह के हमले या धमकी के आगे नहीं झुकेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान लंबी लड़ाई के लिए तैयार है और अमेरिका उसे डेडलाइन देकर डरा नहीं सकता। इस बीच संयुक्त राष्ट्र मानवीय मदद पहुंचाने की कोशिशों में जुटा है।




