Donald Trump का बड़ा बयान, बोले मेरे परमाणु समझौते से हटने की वजह से ही आज बचा है Israel
Donald Trump ने दावा किया है कि अगर उन्होंने 2018 में ईरान परमाणु समझौते को नहीं छोड़ा होता, तो आज Israel का अस्तित्व नहीं होता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ सैन्य जंग चल रही है। Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान ने अब युद्धविराम की गुजारिश की है, लेकिन ईरान सरकार ने इस बात को पूरी तरह गलत बताया है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का कड़ा जवाब
Donald Trump ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ईरान युद्ध रोकना चाहता है, लेकिन अमेरिका तभी इस पर विचार करेगा जब Strait of Hormuz को पूरी तरह खोल दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान बात नहीं मानता है, तो उसे भारी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कहा है कि उनके देश को धमकियों और डेडलाइन के जरिए डराया नहीं जा सकता। ईरान अपनी रक्षा के लिए किसी भी समय सीमा को स्वीकार नहीं करेगा।
खाड़ी क्षेत्र में समुद्री जहाजों पर हमलों की स्थिति
समुद्री व्यापार के रास्तों पर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ने का डर है। इन घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:
| स्थान | घटना का विवरण |
|---|---|
| Qatar का समुद्री तट | एक तेल टैंकर पर मिसाइल से हमला किया गया |
| Dubai के पास | Kuwait के एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया |
| Strait of Hormuz | अमेरिका ने इसे पूरी तरह खोलने की शर्त रखी है |
युद्ध रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास
पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी अरब और मिस्र जैसे देश इस तनाव को कम करने और बातचीत शुरू कराने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे हैं। अमेरिका के पूर्व अधिकारियों का मानना है कि परमाणु केंद्रों पर हमलों के बाद यह युद्ध अब अपने अंतिम चरण में हो सकता है। हालांकि, ईरान के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने ट्रंप के उन दावों को आधारहीन बताया है जिसमें कहा गया था कि तेहरान ने बातचीत की पहल की है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इसका सीधा असर व्यापार और सुरक्षा पर पड़ रहा है।




