ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर, दोनों देशों ने दी एक-दूसरे को तबाही की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच जारी विवाद अब गंभीर युद्ध का रूप ले चुका है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने सैन्य अभियानों को तब तक जारी रखेगा जब तक इज़राइल और अमेरिका आत्मसमर्पण नहीं कर देते। इस बीच खाड़ी के कई देशों जैसे कुवैत, बहरीन और यूएई में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें आई हैं। तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी सुरक्षा की चिंता पैदा हो गई है।
ईरान की सैन्य कार्रवाई और उसकी मुख्य मांगें क्या हैं?
ईरान की सैन्य कमान के अनुसार, उनके निशाने पर इज़राइल के प्रमुख शहर और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। ईरान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी ने चेतावनी दी है कि आने वाले हमले और भी व्यापक और कुचलने वाले होंगे। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ेगा। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा है कि उनकी कार्रवाई केवल आत्मरक्षा में की जा रही है और वे पड़ोसी देशों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते।
अमेरिका और इज़राइल ने बचाव में क्या बड़े कदम उठाए हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक संबोधन में कहा है कि उनकी सेना ईरान को बहुत जल्द हरा देगी। अमेरिका ने इराक और कुवैत जैसे देशों में अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। इज़राइल की डिफेंस फोर्सेस भी हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि वहां लगातार मिसाइल हमले हो रहे हैं। नीचे दी गई टेबल से समझिए कि वर्तमान स्थिति क्या है:
| देश या एजेंसी | वर्तमान स्थिति और एक्शन |
|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका | ईरान पर अगले 15-20 दिनों में बड़े हमले की योजना और धमकी। |
| इज़राइल (IDF) | तेल अवीव और हाइफा जैसे शहरों में हवाई रक्षा प्रणाली को सक्रिय किया गया। |
| यूएई और बहरीन | मिसाइल खतरों को रोकने के लिए अपनी डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया। |
| अमेरिकी दूतावास (इराक) | नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने की चेतावनी जारी की। |
| कुवैत | अमेरिकी ठिकानों और विश्वविद्यालयों के पास सुरक्षा बढ़ाई गई। |
इस जंग की स्थिति ने पूरे मिडिल ईस्ट की शांति को खतरे में डाल दिया है। वहां रह रहे भारतीयों को सलाह दी जा रही है कि वे दूतावास के संपर्क में रहें और स्थानीय खबरों पर नजर रखें। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि युद्ध अपनी अंतिम स्थिति में है, जबकि ईरान ने सरेंडर की किसी भी संभावना से इनकार किया है और युद्धविराम की बात को झूठा बताया है।




