गज़ा में नहीं रुक रही हिंसा, संघर्षविराम के बावजूद इजरायली गोलीबारी में महिला की मौत, अब तक 700 लोगों ने गंवाई जान
गज़ा के मघाजी शरणार्थी शिविर के पास इजरायली सेना की गोलीबारी में एक फिलिस्तीनी महिला की मौत हो गई है। अक्टूबर 2025 में अमेरिका की मदद से हुए समझौते (Ceasefire) के बाद से अब तक करीब 700 फिलिस्तीनी अपनी जान गंवा चुके हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, गज़ा सिटी और मघाजी के पूर्वी इलाकों में तनाव अभी भी बना हुआ है और शांति समझौते के बावजूद हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं।
संघर्षविराम के बाद क्या हैं मौजूदा आंकड़े?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर 10 अक्टूबर 2025 को गज़ा में शांति समझौता लागू हुआ था। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य युद्ध को रोकना और मानवीय सहायता को गज़ा तक पहुँचाना था। हालांकि, ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के लागू होने के बाद से अब तक हिंसा में भारी नुकसान हुआ है।
| संस्था का नाम | मृतकों की संख्या (अक्टूबर 2025 से) | घायलों की संख्या |
|---|---|---|
| गज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय | 704 | 1,914 |
| संयुक्त राष्ट्र (OCHA) | 689 | आंकड़ा उपलब्ध नहीं |
| फिलिस्तीनी स्वास्थ्य विभाग | 673 | 1,754 |
मघाजी शरणार्थी शिविर में क्या हुआ?
मघाजी शरणार्थी शिविर के पूर्वी हिस्से में इजरायली सैन्य वाहनों की तैनाती के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें एक 54 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हाल के दिनों में इस इलाके में हिंसा की यह अकेली घटना नहीं है। मार्च के अंत में भी इसी इलाके से दो बच्चों के घायल होने की खबर मिली थी। गज़ा में तैनात रिपोर्टरों का कहना है कि हवाई हमलों और गोलीबारी की वजह से आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
शांति समझौते की क्या थी शर्तें?
अक्टूबर 2025 में हुए समझौते के तहत गज़ा से इजरायली सेना को पीछे हटना था और बंधकों को रिहा करना था। समझौते में गज़ा के पुनर्निर्माण और मानवीय मदद के लिए रास्ता खोलने की बात भी कही गई थी। लेकिन अप्रैल 2026 की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि यह समझौता काफी नाजुक स्थिति में है। गज़ा के अलग-अलग हिस्सों में अभी भी रुक-रुक कर गोलीबारी और धमाके हो रहे हैं, जिससे वहां रहने वाले लोगों के लिए खतरा कम नहीं हुआ है।




