सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और पुतिन के बीच फोन पर हुई बात, मिडिल ईस्ट के हालात और तेल बाज़ार पर हुई चर्चा
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को फोन पर बातचीत हुई है। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट में हो रही नई हलचलों और तेल बाज़ार में ओपेक प्लस (OPEC+) के तालमेल को लेकर विस्तार से चर्चा की। यह संपर्क ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में स्थिरता की ज़रूरत है।
🗞️: Saudi Arabia News: सऊदी अरब ने हवा में ही मार गिराई बैलिस्टिक मिसाइल, 5 ड्रोन भी किए गए तबाह।
बातचीत में किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत में मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट के मौजूदा संकट पर ध्यान दिया गया। रूस के सरकारी मीडिया के अनुसार, पुतिन और मोहम्मद बिन सलमान ने क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं पर बात की है। इसके अलावा ओपेक प्लस समूह के भीतर सहयोग को बनाए रखने पर भी सहमति बनी ताकि तेल की कीमतों और सप्लाई को नियंत्रित रखा जा सके। क्रैमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने पुष्टि की कि यह कॉल राष्ट्रपति पुतिन और मिस्र के विदेश मंत्री की मुलाकात के बाद हुई थी।
आगामी ओपेक प्लस मीटिंग और तेल कीमतों पर असर
रूस के विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि 5 अप्रैल 2026 को होने वाली ओपेक प्लस की 65वीं बैठक में तेल की बढ़ती कीमतें एक बड़ा मुद्दा रहेंगी। हाल के सैन्य तनाव के कारण तेल की सप्लाई में कमी आई है जिससे बाज़ार में हलचल है। रूस और सऊदी अरब के बीच का यह तालमेल दुनिया भर के तेल बाज़ार और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालता है।
हाल के दिनों में हुए कुछ अहम संपर्क
पिछले कुछ हफ्तों में रूस और खाड़ी देशों के नेताओं के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा है। नीचे दी गई टेबल में हालिया प्रमुख मुलाकातों और कॉल्स की जानकारी दी गई है:
| तारीख | नेता | चर्चा का मुख्य विषय |
|---|---|---|
| 2 अप्रैल 2026 | सऊदी क्राउन प्रिंस और पुतिन | मिडिल ईस्ट संकट और ओपेक प्लस सहयोग |
| 1 अप्रैल 2026 | UAE राष्ट्रपति और पुतिन | क्षेत्रीय सुरक्षा और सैन्य तनाव के आर्थिक असर |
| 2 मार्च 2026 | सऊदी क्राउन प्रिंस और पुतिन | अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और सऊदी पर हमले के मुद्दे |
| 3 फरवरी 2026 | पुतिन और मोहम्मद बिन सलमान | ऊर्जा बाज़ार स्थिरता और कूटनीतिक संबंध |
इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बीच सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग भी होनी है। इसमें समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर चर्चा की जाएगी, जो खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार के लिए काफी मायने रखता है।




