Tejas Fighter Jet: इज़रायल युद्ध के कारण भारत के तेजस प्रोजेक्ट में देरी, HAL चीफ ने बताई असली वजह
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चीफ डी.के. सुनील ने जानकारी दी है कि भारत के प्रमुख लड़ाकू विमान कार्यक्रम ‘तेजस’ (Tejas) में कुछ देरी हो रही है। उन्होंने इस देरी की सीधी वजह पश्चिम एशिया में इज़रायल और अन्य देशों के बीच चल रहे युद्ध को बताया है। भारतीय वायुसेना को नए विमान मिलने के इंतज़ार में अब थोड़ा और समय लग सकता है क्योंकि जरूरी तकनीकी सॉफ्टवेयर समय पर नहीं मिल पा रहा है।
तेजस विमान की डिलीवरी में देरी की क्या वजहें हैं?
विमान प्रोग्राम में हो रही देरी के पीछे केवल एक नहीं बल्कि कई कारण सामने आए हैं। अधिकारियों ने इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है और बताया है कि काम किस स्तर पर रुका हुआ है।
| मुख्य कारण | विवरण |
|---|---|
| इज़रायल युद्ध | इज़रायली रडार सिस्टम के लिए जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट युद्ध के कारण समय पर नहीं मिल रहे हैं। |
| इंजन की कमी | अमेरिकी कंपनी GE Aerospace ने F404 इंजन की सप्लाई में देरी की है जिससे विमान तैयार नहीं हो पा रहे। |
| सर्टिफिकेशन | 5 विमान शारीरिक रूप से तैयार तो हैं लेकिन फाइनल सर्टिफिकेट न होने से वे अभी सेना में शामिल नहीं हो सकते। |
| टेस्टिंग | मिसाइल दागने और रडार सिस्टम की पूरी जांच अभी बाकी है जिसे वायुसेना अनिवार्य मानती है। |
वायुसेना और HAL की भविष्य की योजना क्या है?
भारतीय वायुसेना और HAL के बीच अप्रैल 2026 के अंत में एक बड़ी समीक्षा बैठक होने वाली है। इस मीटिंग में विमानों की डिलीवरी के लिए नई तारीखें तय की जाएंगी और काम की प्रगति जांची जाएगी। वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि विमान तभी स्वीकार किए जाएंगे जब वे सभी जरूरी टेस्ट और सुरक्षा मानकों को पूरा कर लेंगे।
HAL चीफ डी.के. सुनील ने उम्मीद जताई है कि इज़रायल में चल रहा युद्ध जल्द ही थमेगा जिससे सप्लाई चेन फिर से सामान्य हो सकेगी। विमानों में लगने वाले इज़रायली रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को पूरी तरह चालू करने के लिए सॉफ्टवेयर का आना बहुत जरूरी है। फिलहाल HAL प्रशासन इस स्थिति को संभालने और वैकल्पिक रास्तों पर विचार करने की कोशिश कर रहा है।




