Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए ब्रिटेन ने बुलाई 40 देशों की बैठक, भारत और UAE भी शामिल, ईरान के फैसले से दुनिया परेशान.
Strait of Hormuz के बंद होने से पूरी दुनिया में तेल और जरूरी सामान की सप्लाई पर काफी बुरा असर पड़ा है. इस समस्या का समाधान निकालने के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) ने एक बड़ी मीटिंग बुलाई है. इस मीटिंग में भारत और UAE समेत 40 से ज़्यादा देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया. ब्रिटिश सरकार का कहना है कि समुद्र के इस रास्ते को सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है ताकि जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो सके.
🚨: Jordan में US मिलिट्री बेस पर ईरान का ड्रोन हमला, जॉर्डन की सेना ने हवा में गिराई मिसाइल.।
मीटिंग में किन बातों पर हुई चर्चा और कौन से देश हुए शामिल?
इस वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता ब्रिटेन की विदेश मंत्री Yvette Cooper ने की. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान की हरकतों से दुनिया की आर्थिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है. बैठक में शामिल 40 देशों में से 37 ने पहले ही एक साझा बयान पर दस्तखत किए हैं, जिसमें वे सुरक्षित मार्ग के लिए मदद करने को तैयार हैं. मीटिंग में मुख्य तौर पर तीन रणनीतियों पर बात हुई: कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ाना, बाजार और कंपनियों को भरोसा दिलाना और फंसे हुए जहाजों व कर्मचारियों की सुरक्षा पक्की करना.
- शामिल प्रमुख देश: भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, जापान और ऑस्ट्रेलिया.
- ब्रिटेन का रुख: प्रधानमंत्री Keir Starmer ने कहा कि सभी कूटनीतिक उपायों पर विचार होगा और जरूरत पड़ने पर सैन्य प्लानर्स भी बात करेंगे.
- अमेरिका की स्थिति: अमेरिका इस बैठक में शामिल नहीं हुआ. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश इस रास्ते का फायदा उठाते हैं, उन्हें अपनी सुरक्षा खुद करनी चाहिए.
Strait of Hormuz की मौजूदा स्थिति और ईरान का कड़ा रुख
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच जारी संघर्ष की वजह से यह रास्ता 28 फरवरी से लगभग बंद पड़ा है. पिछले कुछ हफ्तों में कमर्शियल जहाजों पर 23 सीधे हमले हुए हैं, जिसमें 11 कर्मचारियों की जान गई है. अब केवल वही टैंकर वहां से गुजर रहे हैं जो ईरान का तेल ले जा रहे हैं. जापान के विदेश मंत्री ने सुझाव दिया है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) में सुरक्षित कॉरिडोर बनाने पर काम होना चाहिए.
| मुख्य बिंदु | अपडेट की जानकारी |
|---|---|
| बैठक की तारीख | 2 अप्रैल 2026 |
| हमलों की संख्या | 23 व्यापारिक जहाजों पर हमले |
| जानमाल का नुकसान | 11 क्रू मेंबर्स की मौत |
| ईरान का बयान | 47 साल की मेहमाननवाजी अब खत्म हुई |
| अगला कदम | सीजफायर के बाद सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई संभव |
ईरान की नेशनल सिक्योरिटी कमिशन के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह समुद्री रास्ता अब सिर्फ उन लोगों के लिए खुलेगा जो ईरान के नए कानूनों का पालन करेंगे. यूरोपीय राजनयिकों का मानना है कि जहाजों को बचाने के लिए कोई भी बड़ा ऑपरेशन तभी शुरू हो पाएगा जब चल रही जंग में युद्धविराम होगा. फिलहाल, ब्रिटेन और फ्रांस इस गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं.




