भारत से इकट्ठा किया गया चंदा ईरान नहीं ले जा सकेगा दूतावास, RBI की सख्ती के बाद अब यहीं होगा इस्तेमाल.
भारत में ईरानी दूतावास द्वारा मानवीय सहायता के लिए इकट्ठा किया गया पैसा और गहने अब तेहरान नहीं भेजे जा सकेंगे। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के कड़े नियमों और वित्तीय जांच की वजह से इस फंड को डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए बाहर भेजने की अनुमति नहीं मिली है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अब इस जमा पूंजी का इस्तेमाल भारत के अंदर ही ज़रूरी सामान खरीदने के लिए किया जाएगा।
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पैसा बाहर न जा पाने के मुख्य कारण क्या हैं?
- नियमों की जांच: भारत के Foreign Exchange Management Act (FEMA) के तहत विदेशों में पैसा भेजने के लिए सख्त गाइडलाइंस हैं जिनका पालन करना ज़रूरी है।
- RBI की मंजूरी: किसी भी विदेशी मिशन द्वारा बड़े स्तर पर फंड को बाहर भेजने के लिए रिज़र्व बैंक की स्क्रूटनी से गुज़रना पड़ता है।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध: ईरान जैसे देशों पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण बैंकिंग और फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया बहुत जटिल हो जाती है।
- वियना कन्वेंशन: हालांकि यह कन्वेंशन दूतावासों को बैंकिंग सुविधाएं देता है, लेकिन इसमें फंडरेज़िंग और उसे बाहर भेजने के स्पष्ट नियम सीमित हैं।
अब इस दान किए गए पैसे और गहनों का क्या होगा?
2 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समस्या का समाधान यह निकाला गया है कि इकट्ठा किए गए फंड को भारत में ही खर्च किया जाएगा। इस पैसे से ईरान के लिए ज़रूरी दवाएं और अन्य मेडिकल सामान खरीदा जा सकता है, जिसे फिर ईरान भेजा जाएगा। मार्च के मध्य में ईरानी दूतावास ने बताया था कि उन्हें गूगल पे और डिजिटल पेमेंट में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिसके बाद उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के अकाउंट और कैश के ज़रिए चंदा लेने की बात कही थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी पहले इस बात की पुष्टि की थी कि फंड भारतीय बैंक खातों में जमा हो रहा है।




