ईरान के केश्म पोर्ट पर अमेरिका और इसराइल का हमला, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा नुकसान, तनाव चरम पर.
पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच ईरान के केश्म द्वीप (Qeshm Island) पर बने पोर्ट को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। रॉयटर्स द्वारा चेक की गई सैटेलाइट तस्वीरों में पोर्ट के पास धुआं उठता हुआ दिखाई दिया है। यह हमला 1 अप्रैल की रात और 2 अप्रैल 2026 की दोपहर के बीच हुआ बताया जा रहा है। इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
हमले में किन जगहों को पहुंचा नुकसान?
केश्म फ्री ज़ोन के अधिकारियों ने बताया है कि हमले में बहमन कमर्शियल पोर्ट और दोहा फिशिंग पियर के कुछ हिस्सों को नुकसान हुआ है। यूरोपीय संघ के कोपरनिकस सेंटिनल-2 सैटेलाइट की तस्वीरों में गुरुवार को इस इलाके से धुआं निकलता पाया गया। हमले से जुड़े मुख्य पॉइंट्स नीचे दिए गए हैं:
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के B1 पुल पर हमले की पुष्टि की है।
- पुल पर हुए हमले में 8 नागरिकों की जान गई है और 95 लोग घायल हुए हैं।
- बहमन पोर्ट को अधिकारियों ने पूरी तरह व्यापारिक जगह बताया है और हमले को गलत ठहराया है।
- ईरान की सेना (IRGC) ने एक अमेरिकी-इसराइली लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
इस हमले के बाद कुवैत और बहरीन ने भी अपने यहां ईरान की तरफ से हमले होने की खबर दी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस तबाही को तुरंत रोकने और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की अपील की है। शुक्रवार 3 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर वोटिंग होगी। इसका मकसद हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही सुरक्षित करना है।
| पक्ष | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| ईरान | B1 पुल पर हमले को नैतिक हार बताया |
| अमेरिका | परमाणु ठिकानों को रोकने के लिए हमले का दावा |
| कुवैत-बहरीन | ईरान की तरफ से हमले की रिपोर्ट दी |
| संयुक्त राष्ट्र | शांति की अपील और कूटनीतिक समाधान पर जोर |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इलाका व्यापार और यात्रा के लिए बहुत संवेदनशील है। कुवैत और बहरीन जैसे देशों में काम कर रहे भारतीयों को स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है। तनाव बढ़ने से आने वाले दिनों में उड़ानों और समुद्री रास्तों पर पाबंदियां लग सकती हैं।




