Saudi पर फिर ड्रोन अटैक, सिस्टम ने हवा में मार गिराए 6 ड्रोन, GCC ने ईरान की हरकत पर जताई कड़ी नाराज़गी
सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए देश की हवाई सीमा में घुस रहे 6 ड्रोन्स को मार गिराया है. यह घटना 3 अप्रैल 2026 की है जब इन ड्रोन्स के जरिए सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी. खाड़ी देशों के संगठन Gulf Cooperation Council (GCC) ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले भारतीयों के लिए सुरक्षा के लिहाज से यह एक बड़ी खबर है क्योंकि ये हमले नागरिक सुविधाओं के पास हो रहे हैं.
इन हमलों का मुख्य निशाना और प्रभाव क्या था
GCC चीफ Jassim Albudaiwi ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि पिछले कुछ समय से लगातार नागरिक और महत्वपूर्ण ढांचों पर हमले किए जा रहे हैं. इन हमलों के बारे में कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:
- इन ड्रोन्स के जरिए देश के हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है.
- सऊदी अरब के बंदरगाहों और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी.
- Ministry of Defense ने साफ किया है कि उनकी डिफेंस प्रणाली ने इन सभी 6 ड्रोन्स को समय रहते पहचान कर हवा में ही नष्ट कर दिया.
- 28 फरवरी के बाद से इस तरह के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गई है.
सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर ताजा अपडेट
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मामले में प्रस्ताव 2817 को अपना लिया है जिसमें इन हमलों की कड़ी निंदा की गई है. सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने अपनी सुरक्षा को लेकर कुछ जरूरी कदम उठाए हैं जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| संस्था का नाम | मुख्य अपडेट |
|---|---|
| United Nations | हमलों की निंदा करते हुए नया प्रस्ताव 2817 पास किया |
| GCC | ईरान की आक्रामकता को क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बताया |
| Saudi Arabia | आत्मरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कार्रवाई की बात कही |
| Common People | आम नागरिकों और प्रवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है |
सऊदी अरब ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन वह संकट सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति के रास्ते को भी प्राथमिकता देता है. खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए राहत की बात यह है कि सऊदी का सुरक्षा घेरा बहुत मजबूत है और ड्रोन्स को आबादी वाले इलाकों से दूर ही ढेर किया जा रहा है.




