Iran Saudi Tension: ईरान ने सऊदी के यनबू पोर्ट पर हमले की दी धमकी, अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव से खाड़ी में हड़कंप
मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव ने अब सऊदी अरब की चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि अगर अमेरिका ने उस पर हमला किया, तो वह सऊदी के यनबू (Yanbu) पोर्ट को निशाना बनाएगा। सऊदी में काम करने वाले लाखों भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आम नागरिकों को अमेरिकी ठिकानों और अमेरिकी सैनिकों के ठहरने वाले होटलों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
यनबू पोर्ट का महत्व और हमले की धमकी के मायने
सऊदी अरब ने हाल ही में यनबू पोर्ट से तेल का निर्यात काफी बढ़ा दिया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने के कारण सऊदी अरब यहाँ से रोजाना करीब 10 लाख बैरल तेल भेज रहा है। यनबू पोर्ट लाल सागर के तट पर स्थित है और यह सऊदी अरामको के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता है। ईरान के गार्ड्स ने प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों से कहा है कि वे उन जगहों से तुरंत हट जाएं जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है ताकि किसी भी सैन्य कार्रवाई के दौरान उन्हें कोई नुकसान न पहुँचे।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव और पिछली घटनाओं पर एक नजर
खाड़ी देशों में पिछले कुछ हफ्तों से सुरक्षा को लेकर हालात काफी गंभीर बने हुए हैं। प्रवासियों और व्यापारिक सुरक्षा को लेकर नीचे दी गई घटनाओं ने चिंता और बढ़ा दी है:
- 19 मार्च 2026: यनबू ऑयल टर्मिनल पर ड्रोन से हमला हुआ था, जिसके बाद सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की थी।
- 22 मार्च 2026: सऊदी अरब ने ईरानी सैन्य राजनयिक और चार अन्य अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया था।
- मार्च अंत 2026: ईरान ने कथित तौर पर हूतियों को लाल सागर में जहाजों पर हमले जारी रखने के लिए तैयार रहने को कहा है।
- सुरक्षा अलर्ट: कुवैत, बहरीन और यूएई में भी ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें मार्च के आखिरी दिनों में मिली थीं।
ईरान का आरोप है कि अमेरिकी और इजरायली सेना नागरिकों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है, इसलिए उसने लोगों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी है। सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों को भी सलाह दी गई है कि वे सुरक्षा अपडेट्स पर नजर रखें।




