Mayuri Nari जहाज पर हमले के बाद मिले इंसानी अवशेष, ईरान ने मार्च में किया था हमला, 3 क्रू मेंबर थे गायब.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पिछले महीने हुए हमले के बाद अब एक बड़ी खबर सामने आई है। थाईलैंड की कंपनी प्रेशियस शिपिंग ने पुष्टि की है कि उनके क्षतिग्रस्त जहाज ‘Mayuri Nari’ के अंदर इंसानी अवशेष पाए गए हैं। 11 मार्च 2026 को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस जहाज पर हमला किया था, जिसके बाद से तीन कर्मचारी लापता थे। अब मलबे के बीच अवशेष मिलने से मामला और भी गंभीर हो गया है और इनकी पहचान के लिए जांच जारी है।
हमले और बचाव अभियान की पूरी जानकारी क्या है?
11 मार्च को हुए इस हमले के दौरान ओमान की रॉयल नेवी ने बड़ी तत्परता दिखाते हुए जहाज के 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया था। हालांकि, इंजन रूम में तैनात तीन कर्मचारी उस समय नहीं मिल सके थे। बाद में 27 मार्च को यह जहाज भटकते हुए ईरान के Qeshm Island के पास तट पर जा लगा। 30 मार्च को एक विशेष टीम ने जहाज की तलाशी ली थी, लेकिन उस वक्त उन्हें कुछ हाथ नहीं लगा था। अब 3 अप्रैल को कंपनी ने जहाज के टूटे हुए हिस्से के भीतर अवशेष मिलने की आधिकारिक बात कही है।
घटना से जुड़ी मुख्य तारीखें और जानकारी
इस पूरे मामले को हम नीचे दी गई टेबल के माध्यम से आसानी से समझ सकते हैं:
| तारीख | प्रमुख घटनाक्रम |
|---|---|
| 11 मार्च 2026 | ईरान की सेना (IRGC) ने Mayuri Nari जहाज पर हमला किया |
| 11 मार्च 2026 | ओमान की नेवी ने 20 लोगों को सुरक्षित निकाला |
| 27 मार्च 2026 | जहाज बहते हुए ईरान के तट के पास जमीन से टकराया |
| 30 मार्च 2026 | विशेष टीम ने तलाशी ली पर लापता लोग नहीं मिले |
| 03 अप्रैल 2026 | जहाज के मलबे में इंसानी अवशेष बरामद हुए |
क्षेत्र की सुरक्षा और प्रवासियों पर इसका असर
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया था कि जहाज ने चेतावनी को नजरअंदाज किया था। थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर ईरान से माफी और सफाई की मांग की है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है जहां से बड़ी संख्या में व्यापारिक जहाज गुजरते हैं। कुवैत ने भी इस जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और समुद्री व्यापार पर ऐसे हमलों का सीधा असर पड़ता है। 3 अप्रैल को कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने भी कुछ बाहरी मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया है।




