Iran Health Center Attack: WHO ने दी जानकारी, ईरान में 20 अस्पतालों पर हमला, 9 लोगों की गई जान.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ईरान में स्वास्थ्य केंद्रों पर हो रहे हमलों को लेकर एक गंभीर रिपोर्ट जारी की है। 1 मार्च 2026 से अब तक ईरान के 20 से ज़्यादा मेडिकल सेंटरों पर हमले हो चुके हैं। इन हमलों में कम से कम 9 लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी का एक सदस्य भी शामिल है। अल जज़ीरा की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक क्षेत्र में तनाव की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं पर खतरा काफी बढ़ गया है।
ईरान में मेडिकल सुविधाओं पर हुए हमलों का विवरण
WHO के आंकड़ों के अनुसार ईरान में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। मार्च महीने की शुरुआत से ही इन हमलों में तेज़ी देखी गई है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनके 292 राहत और चिकित्सा केंद्र इन हमलों से प्रभावित हुए हैं। इनमें से कई केंद्र तो पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं और काम करने की स्थिति में नहीं हैं।
- 1 मार्च से अब तक 20 से अधिक पुष्ट हमले स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए।
- हमलों में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए।
- ईरान ने इन हमलों के लिए अमेरिका और इसराइल की सेना को ज़िम्मेदार ठहराया है।
- 289 से अधिक उपचार और बचाव केंद्रों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान पहुँचा है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने जताई हमले पर चिंता
| संस्था/अधिकारी | मुख्य बयान |
|---|---|
| टेड्रोस अदनोम घेब्रेसियस (WHO प्रमुख) | स्वास्थ्य सेवा कभी भी युद्ध का निशाना नहीं होनी चाहिए। |
| हनान बलखी (WHO क्षेत्रीय निदेशक) | नागरिकों और स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा पूर्ण होनी चाहिए। |
| ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी | युद्ध अपराधों की जांच के लिए ICC से औपचारिक मांग की गई। |
अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अस्पतालों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा करना सभी पक्षों के लिए ज़रूरी है। WHO और रेड क्रॉस जैसी संस्थाओं ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर बढ़ते इन हमलों से आम जनता को मिलने वाली ज़रूरी चिकित्सा सहायता में बड़ी रुकावट आ रही है।




