कुवैत के पावर और पानी प्लांट पर बड़ा हमला, ईरान ने ली हमलों की ज़िम्मेदारी, इमरजेंसी प्लान लागू.
कुवैत में शुक्रवार 3 अप्रैल 2026 की सुबह एक बड़ा संकट खड़ा हो गया जब देश के महत्वपूर्ण बिजली और पानी के प्लांट को निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद मंत्रालय ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए हैं ताकि जनता को मिलने वाली जरूरी सेवाओं में कोई रुकावट न आए। ईरान की सेना IRGC ने पहले इस हमले के लिए इसराइल को दोषी बताया था, लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही कुवैत में हुए इन हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार कर ली है।
मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने क्या जानकारी दी?
कुवैत के बिजली, पानी और अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि प्लांट पर हुए हमले से केवल संपत्ति का नुकसान हुआ है। मंत्रालय की प्रवक्ता फातिमा अब्बास जौहर हयात ने बताया कि तकनीकी और इमरजेंसी टीमों को तुरंत काम पर लगा दिया गया है। इस घटना से जुड़ी कुछ अहम बातें नीचे दी गई हैं:
- प्लांट की सुरक्षा: सुरक्षा अधिकारी अब उन इलाकों की निगरानी कर रहे हैं जहाँ नुकसान हुआ है।
- तेल रिफाइनरी पर हमला: प्लांट के साथ-साथ मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी पर भी ड्रोन से हमला किया गया जिससे वहाँ आग लग गई।
- कोई हताहत नहीं: इन दोनों घटनाओं में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं मिली है।
- रेडिएशन की स्थिति: कुवैत नेशनल गार्ड ने उन अफवाहों को खारिज कर दिया है जिनमें रेडिएशन फैलने की बात कही जा रही थी।
क्या सप्लाई और सुरक्षा पर कोई बड़ा खतरा है?
कुवैत सरकार ने आम जनता और वहां रहने वाले प्रवासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और शांति बनाए रखें। सरकार ने साफ किया है कि सप्लाई को सामान्य रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ब्रिटेन ने भी कुवैत की मदद के लिए अपना एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिया है ताकि भविष्य में ऐसे हवाई हमलों से निपटा जा सके। जो लोग कुवैत में नौकरी कर रहे हैं या वहां रहते हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे केवल सरकारी सूत्रों से आने वाली खबरों पर ही भरोसा करें। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को पहले के मुकाबले काफी कड़ा कर दिया गया है।




