ईरान पर इसराइल और अमेरिका का बड़ा हमला, तेहरान में हुए धमाके, जवाब में कुवैत की रिफाइनरी पर गिरी मिसाइल.
3 अप्रैल 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फ़हान शहर बड़े धमाकों से दहल गए। इसराइल और अमेरिका की तरफ से ईरान पर सीधे हमले किए गए हैं। इन हमलों के जवाब में ईरान ने भी इसराइल और कुवैत समेत कई खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागी हैं। कुवैत में तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है जिससे वहां काफी नुकसान की खबर है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और वहां की अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ा और चिंताजनक घटनाक्रम है।
ईरान में कहां-कहां हुए हमले और कितना हुआ नुकसान?
3 अप्रैल को तेहरान और इस्फ़हान शहरों में कई विस्फोट सुने गए। विदेशी पत्रकारों ने तेहरान के पश्चिम में स्थित फरदीस कस्बे में हुए नुकसान की पुष्टि की है। इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि इन हमलों से ईरान की स्टील बनाने की क्षमता लगभग 70 प्रतिशत तक खत्म हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि आने वाले समय में ईरान पर और भी कड़े हमले जारी रहेंगे। ईरान के कई औद्योगिक इलाकों में इन हमलों से भारी तबाही हुई है।
कुवैत और खाड़ी देशों पर हमले का क्या हुआ असर?
ईरान ने अपने ऊपर हुए हमलों का बदला लेने के लिए कुवैत और अन्य खाड़ी देशों की तरफ मिसाइलें और ड्रोन भेजे हैं। कुवैत की मीना अल-अहमदी तेल रिफाइनरी और एक पानी साफ करने वाले प्लांट पर मिसाइलें गिरी हैं। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया है कि रिफाइनरी में आग लग गई थी जिसे बुझाने के लिए फायर फाइटर्स काम कर रहे हैं। कुवैत ने इन हमलों के लिए ईरान और इराक के चरमपंथी गुटों को जिम्मेदार ठहराया है। इससे क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों सहित अन्य प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।
| असर वाली जगह | क्या हुआ |
|---|---|
| तेहरान और इस्फ़हान | हवाई हमले और बड़े धमाके |
| मीना अल-अहमदी, कुवैत | तेल रिफाइनरी और प्लांट पर मिसाइल हमला |
| फरदीस, तेहरान | अमेरिकी और इसराइली हमले से नुकसान |
| ईरान स्टील प्लांट | 70 प्रतिशत उत्पादन क्षमता नष्ट हुई |




