US Fighter Jet Downed in Iran: ईरान ने मार गिराया अमेरिका का F-15E विमान, मलबे की तस्वीरें आई सामने, सर्च ऑपरेशन जारी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 को ईरान के हवाई क्षेत्र में अमेरिका का एक F-15E लड़ाकू विमान गिर गया है। यह 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद पहला मौका है जब अमेरिका का कोई ऐसा विमान गिरा है जिसमें पायलट मौजूद थे। अमेरिकी सेना अब अपने दो पायलटों को बचाने के लिए ईरान के अंदर बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। विमान के मलबे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आ चुके हैं जिनसे विमान की पहचान की पुष्टि हुई है।
विमान की पहचान और पायलटों की स्थिति क्या है?
शुरुआत में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) और वहां की सरकारी मीडिया ने दावा किया था कि उन्होंने एक नया एयर डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल करके अमेरिका का आधुनिक F-35 विमान गिराया है। हालांकि बाद में मलबे की जांच से पता चला कि यह असल में F-15E स्ट्राइक ईगल विमान है। यह विमान ब्रिटेन के RAF Lakenheath बेस पर तैनात 494वें फाइटर स्क्वाड्रन का हिस्सा था। विमान के मलबे पर ‘LN’ कोड साफ तौर पर देखा जा सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी ऑफ-द-रिकॉर्ड इस बात को माना है कि उनका विमान गिरा है और दो पायलटों की तलाश जारी है। ईरान का कहना है कि विमान धमाके के साथ नष्ट हुआ है इसलिए पायलटों के बचने की उम्मीद कम है।
इस घटना से जुड़े मुख्य अपडेट्स और बड़े प्रभाव
- रेस्क्यू ऑपरेशन: अमेरिकी सेना के C-130 विमान और ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत और मध्य इलाकों में कम ऊंचाई पर उड़ते हुए देखे गए हैं।
- ईरान का इनाम: ईरानी सरकारी टीवी ने पायलटों को जिंदा पकड़कर पुलिस को सौंपने वालों के लिए इनाम की घोषणा की है।
- दूसरा विमान: ईरान ने उसी दिन एक और अमेरिकी F-35 विमान को गिराने का अलग से दावा किया है जिसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
- क्षेत्रीय तनाव: इस घटना के बाद खाड़ी देशों जैसे UAE और बहरीन में रहने वाले लोगों के लिए चिंता बढ़ गई है क्योंकि ईरान ने इन क्षेत्रों में भी जवाबी हमलों की चेतावनी दी है।
पेंटागन और अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस पर विस्तार से कोई बयान जारी नहीं किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने पहले ही ईरान के बुनियादी ढांचे पर और हमलों की चेतावनी दी हुई है जिससे क्षेत्र में युद्ध और गहराने का खतरा पैदा हो गया है।




