ईरान और अमेरिका में छिड़ी जंग, ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने कहा खाड़ी में मौजूद अमेरिकी और इसराइली ठिकानों को करेंगे राख.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है और युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। 3 अप्रैल 2026 को ईरान की सेना ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उनके देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई हमला हुआ, तो वे पूरे मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों को पूरी तरह तबाह कर देंगे। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान के पुलों और बिजली घरों को उड़ाने की धमकी दी थी।
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ईरान की सेना ने क्या दी है चेतावनी?
ईरान के खातम अल-अम्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफाघरी ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ट्रंप की धमकियां हकीकत में बदलीं, तो ईरान की सेना जवाबी कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि ईरान की सेना पूरे क्षेत्र में मौजूद ईंधन, ऊर्जा, आर्थिक केंद्रों और पावर प्लांटों को निशाना बनाएगी। इसमें सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि इसराइल के कब्जे वाले क्षेत्रों के ठिकाने भी शामिल होंगे। जोलफाघरी ने उन देशों को भी आगाह किया है जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को अपने यहाँ से अमेरिकी सेना को बाहर निकालने के लिए मजबूर करना चाहिए वरना वे भी हमले की चपेट में आ सकते हैं।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?
पिछले 24 घंटों में खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने हाल ही में यूएई और बहरीन में कुछ अमेरिकी उद्योगों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता है।
- यूएई और बहरीन: ईरान ने बताया कि उसने अबू धाबी में अमेरिकी स्टील उद्योग और बहरीन में एल्यूमीनियम उद्योगों पर हमले किए हैं।
- हवाई सुरक्षा: यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर गिराया है।
- इसराइल की स्थिति: इसराइली सेना ने भी 3 अप्रैल को ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए अपने डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया है।
- लेबनान अलर्ट: बेरुत में अमेरिकी दूतावास ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है और अपने नागरिकों को जल्द से जल्द वहां से निकलने की सलाह दी है।
ट्रंप और ईरानी विदेश मंत्री के बीच जुबानी जंग
डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को सोशल मीडिया पर लिखा था कि अमेरिका अब ईरान के पुलों और पावर प्लांटों को निशाना बनाएगा और अमेरिकी सेना ने अभी अपना काम शुरू भी नहीं किया है। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और पुलों पर हमला करने से ईरानी लोग सरेंडर नहीं करेंगे। फिलहाल स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और दोनों तरफ से सेनाएं अलर्ट पर हैं। ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका नहीं रुका तो वे तेल अवीव पर मिसाइलों की बारिश कर देंगे।




