ईरान ने इसराइल पर किया बड़ा हमला, ‘वेव 93’ के तहत दागे मिसाइल और ड्रोन, अमेरिका का विमान भी मार गिराया
ईरान की सेना IRGC ने शुक्रवार को इसराइल के खिलाफ ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का अगला चरण शुरू किया है. इस हमले को ‘वेव 93’ का नाम दिया गया है जिसमें बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन से इसराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई पूर्व नेता सैय्यद अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए की गई है. ईरान की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज़ हो गई है.
इसराइल और अमेरिका पर हमले की पूरी जानकारी
ईरान और उसके सहयोगी बलों ने शुक्रवार दोपहर को पश्चिमी गैलिली, हाइफ़ा और क्रियात जैसे इलाकों में मौजूद इसराइली सैन्य केंद्रों पर हमला किया. इस ऑपरेशन में लंबी दूरी की मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ. इस दौरान ईरान की सीमा में एक अमेरिकी विमान को भी मार गिराया गया, जिसमें से एक क्रू मेंबर को सुरक्षित निकाला गया. इसराइली सेना ने बताया है कि उनका डिफेंस सिस्टम एक्टिव है और मिसाइलों को हवा में ही रोकने की कोशिश की जा रही है.
प्रमुख लक्ष्य और मौजूदा स्थिति
ईरान ने केवल सैन्य ठिकानों को ही नहीं बल्कि कई अमेरिकी कंपनियों को भी अपना निशाना बनाने की चेतावनी दी है. IRGC ने 18 अमेरिकी टेक कंपनियों को मिलिट्री टारगेट घोषित किया है और वहां काम करने वाले लोगों को दफ्तर खाली करने के लिए कहा है. हमले की मुख्य वजहें और प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी नीचे दी गई है:
| प्रमुख जानकारी | विवरण |
|---|---|
| हमले का नाम | ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 (वेव 93) |
| टारगेट इलाके | पश्चिमी गैलिली, हाइफ़ा, काफ़र कन्ना, क्रियात |
| टारगेट कंपनियां | Nvidia, Microsoft, Apple, Google और अन्य |
| अमेरिकी विमान | ईरान में मार गिराया गया (1 क्रू मेंबर रेस्क्यू) |
हमले का कारण और भविष्य की चेतावनी
IRGC के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई 28 फरवरी 2026 को सैय्यद अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुई है. ईरान ने साफ किया है कि जब तक उनकी राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमले होंगे, वे इसी तरह मिसाइलें दागते रहेंगे. उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि वे तेहरान और कारज को जोड़ने वाले एक पुल को नष्ट कर चुके हैं और ईरान को जल्द ही समझौता करना चाहिए. इस युद्ध की वजह से अमेरिका ने 1.5 ट्रिलियन डॉलर के भारी भरकम रक्षा बजट की मांग भी रखी है.




