US Defense Budget: ट्रंप ने रक्षा बजट में की 40% की बढ़ोतरी, ईरान युद्ध के लिए मांगे 1.5 ट्रिलियन डॉलर.
अमेरिका की व्हाइट हाउस सरकार ने साल 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड रक्षा बजट की मांग की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पेश इस प्रस्ताव में पिछले बजट के मुकाबले करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। यह कदम ईरान के साथ चल रहे युद्ध और दुनिया के मौजूदा हालात को देखते हुए उठाया गया है। इस भारी भरकम बजट का सीधा असर अमेरिकी सेना की ताकत और नए हथियारों की खरीद पर पड़ेगा।
डिफेंस बजट में इतनी बड़ी बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?
ट्रंप प्रशासन ने रक्षा बजट में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी के पीछे ईरान के साथ जारी युद्ध को सबसे बड़ा कारण बताया है। व्हाइट हाउस का कहना है कि वर्तमान खतरों से निपटने के लिए सेना की मारक क्षमता को बढ़ाना बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार ने पर्यावरण और अन्य घरेलू प्रोग्राम के फंड में कटौती करने का फैसला लिया है। बजट का एक बड़ा हिस्सा ‘Operation Epic Fury’ के तहत ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों में खर्च किया जाएगा ताकि वहां की परमाणु क्षमताओं को रोका जा सके।
ईरान युद्ध और नई मिसाइल प्रणाली से जुड़े अहम तथ्य
ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध अब छठे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है और इसके नतीजे खाड़ी देशों पर भी दिख रहे हैं। अमेरिका अब अपनी सुरक्षा के लिए अंतरिक्ष आधारित मिसाइल सिस्टम पर काम कर रहा है। बजट और युद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल बजट मांग | 1.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर |
| मिसाइल डिफेंस सिस्टम | Golden Dome (अनुमानित लागत 185 बिलियन डॉलर) |
| सैनिकों का वेतन | 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रस्तावित |
| युद्ध की शुरुआत | 28 फरवरी 2026 |
| नुकसान का अपडेट | 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत, 365 घायल |
| खाड़ी देशों पर असर | ईरान के हमलों से यूएई में तेल और पानी के प्लांट प्रभावित |
युद्ध की वजह से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भी उछाल आया है। अमेरिका का नया डिफेंस बजट 2035 तक अपनी मिसाइल सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाने का लक्ष्य रखता है। इस प्रस्ताव को अब कांग्रेस में चर्चा के लिए भेजा जाएगा जहां इसके पास होने की प्रक्रिया शुरू होगी।




