इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर किया हमला, अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा
मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. इसराइल की सेना ने 4 अप्रैल 2026 को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बड़े हमले किए हैं. इसराइल का कहना है कि उसने हिज़्बुल्लाह के ठिकानों और हथियारों को निशाना बनाया है. इस बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है और उन्हें तुरंत लेबनान छोड़ने की सलाह दी है क्योंकि वहां का माहौल काफी असुरक्षित हो गया है.
इस हमले और सैन्य कार्यवाही से जुड़ी मुख्य बातें
इसराइली सेना ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि उनका लक्ष्य हिज़्बुल्लाह के पूरे नेटवर्क को खत्म करना है. पिछले 24 घंटों के दौरान लेबनान में कई जगहों पर धमाके हुए हैं. इस घटना से जुड़े कुछ प्रमुख आंकड़े नीचे दिए गए हैं:
- इसराइल ने दावा किया है कि उसने 2 मार्च से अब तक लेबनान में 3500 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया है.
- हिज़्बुल्लाह ने भी पलटवार करते हुए पिछले 24 घंटों में 38 बार हमले किए हैं.
- लेबनान में मौजूद संयुक्त राष्ट्र (UN) के तीन शांति सैनिक एक धमाके में घायल हो गए हैं.
- इसराइली रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे लेबनान के अंदर लिटानी नदी तक एक सुरक्षा ज़ोन बनाएंगे.
- लेबनान के रक्षा मंत्री मिशेल मेनासा ने इसराइल के इन बयानों को बड़ी आक्रामकता बताया है.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और ताज़ा अपडेट
इस जंग का असर अब दूसरे देशों पर भी दिखने लगा है. ईरान ने अमेरिका की तरफ से दिए गए 48 घंटे के युद्धविराम के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है. इसी बीच खबर आई है कि ईरान ने अमेरिका का एक F-15E लड़ाकू विमान मार गिराया है, जिसके बाद हड़कंप मच गया. हालांकि विमान के एक सदस्य को अमेरिकी सेना ने सुरक्षित बचा लिया है.
| पक्ष | मुख्य कार्यवाही / बयान |
|---|---|
| इसराइल | हिज़्बुल्लाह के 1000 सदस्यों को खत्म करने का दावा किया. |
| अमेरिका | अपने नागरिकों को तुरंत लेबनान से निकलने की चेतावनी दी. |
| यूएन (UN) | शांति सैनिकों पर हमले की निंदा की और सुरक्षा की मांग की. |
| ईरान | युद्धविराम का प्रस्ताव ठुकराया और अमेरिकी विमान गिराया. |
मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि आम नागरिकों पर हमले और लोगों को जबरन घर छोड़ने पर मजबूर करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है. लेबनान सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बिगड़ते माहौल पर गहरी चिंता जता रहे हैं.




