इसराइल पर हिजबुल्लाह का ड्रोन अटैक, उत्तरी हिस्से को बनाया निशाना, जवाबी कार्रवाई में इसराइल ने बेरूत पर दागे गोले.
हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच सीमा पर तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 4 अप्रैल 2026 को हिजबुल्लाह ने उत्तरी इसराइल के कई शहरों में ड्रोन और रॉकेट से हमला करने का दावा किया है। इस हमले के जवाब में इसराइली सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के पास जोरदार हवाई हमले किए हैं। दोनों तरफ से हो रही इस गोलीबारी और बमबारी ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है।
हिजबुल्लाह के हमले में कहां-कहां हुआ नुकसान?
- हिजबुल्लाह ने उत्तरी इसराइल के Metula और Kiryat Shmona शहरों को ड्रोन से निशाना बनाया है।
- पिछले 24 घंटों में लड़ाकों ने कुल 38 हमले किए हैं जिनमें रॉकेट और स्नाइपर ऑपरेशन शामिल हैं।
- इसराइल के Rosh Pina और Safed इलाकों में भारी रॉकेट दागे गए जिससे सेना के ठिकानों को नुकसान पहुँचा है।
- हिजबुल्लाह का कहना है कि उन्होंने सीमाई इलाकों में तैनात इसराइली सैनिकों और उनकी गाड़ियों पर भी हमले किए हैं।
इसराइल की जवाबी कार्रवाई और लेबनान की स्थिति
इसराइली सेना ने लेबनान के अंदर हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को तबाह करने के लिए बड़े हमले शुरू कर दिए हैं। बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई है। सेना ने पूर्वी लेबनान में एक पुल को भी उड़ा दिया है ताकि हिजबुल्लाह के लड़ाकों की आवाजाही को रोका जा सके। लेबनान के Sohmor शहर में हुए दो हमलों में 2 लोगों की मौत हुई है और 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि पिछले एक महीने की जंग में 1,300 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
शांति सैनिकों पर हमला और अंतरराष्ट्रीय चिंता
लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना (UNIFIL) के एक ठिकाने पर भी धमाका हुआ है जिसमें 3 शांति सैनिक घायल हो गए हैं। इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चिंता जताई जा रही है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने मिलकर एक बयान जारी किया है और दोनों पक्षों से तुरंत हमले रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि आम नागरिकों और मानवीय सहायता पहुँचाने वाले लोगों की सुरक्षा हर हाल में होनी चाहिए। फिलहाल स्थिति को देखते हुए इसराइल और लेबनान सीमा पर भारी सैन्य हलचल जारी है।




